ऋषभ कुमार की रिपोर्ट :-
वैशाली में तेजी से हो रहा धर्म परिवर्तन. वायरल वीडियो से हुआ खुलासा. धर्म परिवर्तन के आरोप में एक महिला और एक व्यक्ति की पिटाई.
वैशाली में इन दिनों गरीब परिवार को कुछ पैसे और अन्य तरह का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है. जिसके तहत हिंदू परिवार को इसाई धर्म कबूल करवाया जा रहा है. कुछ ऐसा ही मामला वैशाली के जंदाहा थाना क्षेत्र के गुरु चौक से सामने आया है जहाँ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो के बारे में बताया जा रहा है कि धर्म परिवर्तन करा रहे एक महिला और एक पुरुष को स्थानीय लोगों ने धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में पकड़ लिया और जमकर दोनो की पिटाई कर दी. वीडियो मे दिख रहा है कि गांव के लोग महिला और पुरुष पर आरोप लगा रहे हैं कि यह लोग क्रिश्चियन धर्म कबूल करवाने के लिए हिंदू गरीब परिवार के लोगों को छोटी मोटी चीजो का प्रलोभन देकर हिंदू धर्म छोड़कर इसाई धर्म बनने को मजबूर कर रहें है. इस बाबत राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष आर्यन सिंह ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने धर्मपरिवर्तन करवा रहे ईसाई मिशनरियों को पहले भी रंगे हाथ पकड़ा और समझाया था लेकिन लोग नहीं समझे इसलिए फिर से कार्यकर्ताओ ने दोनो को पकड़ लिया

और हल्की मारपीट की गई है. बताया जा रहा है कि धर्म परिवर्तन के इस मामले में आरोपी महिला और पुरुष के साथ मार पिटाई करने वाले बजरंग दल के कार्यकर्ता हैं जो काफी दिनों से रंगे हाथों दोनों को पकड़ने के फिराक में थे. उनके द्वारा बजाता पहले स्त्री और पुरुष को पकड़ा गया फिर उसकी पिटाई की गई. इतना ही नहीं दोनों के साथ किए गए मारपीट का और बातचीत का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया. वीडियो बजरंग दल के जिला अध्यक्ष आर्यन सिंह के सोशल अकाउंट पर भी डाला गया है जिस पर आर्यन सिंह ने स्पष्ट लिखा है कि वैशाली जिले में आर्यन सिंह नाम के कट्टर राष्ट्रवादी भी रहते हैं. बस हो गया सर्दी में गर्मी का एहसास. इसके अलावा और भी कई बातें लिखी गई है लेकिन इन सबके बीच मजेदार बात यह है कि इस पूरे प्रकरण की जानकारी पुलिस को नहीं है. फोन लाइन पर जंदाहा थाना प्रभारी विश्वनाथ राम ने बताया उन्हें इस बात की जानकारी है और ना ही किसी ने लिखित आवेदन दिया है. काफी देर तक गांव में धर्म परिवर्तन को लेकर हंगामा हुआ मारपीट हुई वहां भी पुलिस को जानकारी नहीं मिली और फिर वीडियो सोशल मीडिया पर डाला गया तब भी पुलिस कोई जानकारी नहीं हुई. यहां तक कि आर्यन सिंह ने बजाबता मीडिया को इस विषय में बयान दिया बावजूद पुलिस को जानकारी नहीं हुई. पैसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस को जानकारी नहीं थी या पुलिस जानबूझकर जानकारी लेना ही नहीं चाहती थी.
बाइट- आर्यन सिंह, जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय बजरंग दल.




