पंकज कुमार जहानाबाद
जहानाबाद जिले में दलहनी एवं तेलहनी फसलों सहित गेहूँ की अभी तक 95 प्रतिशत से अधिक की बुवाई हो चुकी है। सुझाव है कि कृषक बन्धु गेहूँ की बुवाई के 20-25 दिनों के बाद प्रथम सिंचाई करें तथा 60 कि0ग्रा0 यूरिया प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। पुनः फसल में द्वितीय सिंचाई 80-85 दिनों के बाद करें तथा पुनः 60 कि0ग्रा0 यूरिया का उपरिवेशन छिड़काव करें। अधिक मात्रा मंे यूरिया के प्रयोग से भूमि की उर्वरता तथा उत्पादित फसलों के दानों की पुष्टता एवं गुणवत्ता में ह्ास हो जाता है तथा फसलों में कीट-व्याधि के प्रकोप की संभावना भी काफी बढ़ जाती है जिससे फसलों के रख-रखाव की समय-सीमा कम हो जाती है और किसान बन्धुओं को फसलों का मिलनेवाला बाजार मूल्य में भी कमी हो जाती है।

वत्र्तमान समय में जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। जिले में अभी यूरिया- 1010.160 मे0टन, डी0ए0पी0- 643.150 मे0टन, एन0पी0के0- 388.285 मे0टन, एस0एस0पी0- 461.350 मे0टन एवं एम0ओ0पी0- 58.950 मे0टन0 खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के पास उपलब्ध है और आगामी दिनों में लगातार हिन्दुस्तान, मैट्रिक्स, कोरोमंडल, एन0एफ0एल0 कम्पनियों से उर्वरक की खेप जिला को प्राप्त होने की सूचना है। निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरकों की बिक्री करने, अन्य उत्पादों की टैगिंग कर बिक्री करने और भंडार में उर्वरक उपलब्ध रहने पर जरूरतमंद कृषकों को उपलब्ध नहीं कराने पर प्रतिष्ठान के प्रोपराईटर की गलत मंशा और उर्वरक कालाबाजारी में सम्मिलित होना माना जाएगा और उनके विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिले में उर्वरकों की निर्धारित मूल्य पर सूचारू वितरण व्यवस्था हेतु लगातार छापेमारी की जा रही है और पंचायतों के कृषि समन्वयकों को प्रतिष्ठानवार सम्बद्ध कर प्राप्त उर्वरक का सत्यापन कर बिक्री कराने का निदेश सभी संबंधित कृषि समन्वयकों/ प्रखण्ड तकनीकी प्रबंधकों/ सहायक तकनीकी प्रबंधकों को दिया गया है जिसका पर्यवेक्षण प्रखण्ड स्तर पर प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी द्वारा किया जा रहा है। चेतावनी दी गई है कि प्राप्त उर्वरक की बिक्री संबंधित पंचायत के प्रभारी कृषि समन्वयक के मार्गदर्शन में करावें तथा बिक्री पंजी में क्रेता की विवरणी का संधारण किये बिना बिक्री करने पर संज्ञानित उर्वरक कालाबाजारी के विरूद्ध खुदरा विक्रेताओं के व्यवसाय के अनुज्ञप्ति पत्र को रद्द करते हुए प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की लिखित सूचना पर दोषी प्रतिष्ठानों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है। जिले के घोषी, काको एवं जहानाबाद प्रखण्डों के एक-एक खुदरा उर्वरक बिक्री प्रतिष्ठानों की अनुज्ञप्ति रद्द की गई है तथा 10 उर्वरक प्रतिष्ठानों से स्पष्टीकरण पृच्छा की गई है और 03 प्रतिष्ठानों का उर्वरक अनुज्ञप्ति निलंबित किया गया है। कृषक बन्धुओं से अपील है कि वे फसलों में संतुलित/ अनुशंसित मात्रा में ही उर्वरकों का प्रयोग करें तथा एक बार के उपयोग हेतु ही आवश्यकतानुसार उर्वरकों का क्रय किया जाए क्यों कि जिले में उर्वरक की खेप लगातार प्राप्त होने की सूचना है।




