पंकज कुमार जहानाबाद।
बनारपुर (चौसा बक्सर) में किसानों पर बर्बर पुलिसिया दमन के खिलाफ आज राज्यव्यापी प्रतिवाद दिवस के तहत जहानाबाद में भाकपा माले तथा अखिल भारतीय किसान महासभा के संयुक्त बैनर के तहत माले कार्यालय से विरोध मार्च निकालकर जहानाबाद के काको मोड़ पर एक प्रतिवाद सभा आयोजित की गई ।मार्च में शामिल थे भाकपा माले राज्य कमेटी सदस्य सह अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य सचिव रामाधार सिंह, माले जिला स्थाई समिति के सदस्य सतेंद्र रविदास, किसान महासभा के जिला सचिव शौकीन यादव ,जिला कमेटी सदस्य दिलीप पटेल, अनिरुद्ध शर्मा, रामाश्रय यादव ,माले जिला कमेटी सदस्य अरुण यादव, मुकेश पासवान, तथा माले नेता गरीबन दास, गौरव कुमार सहित कई नेता शामिल थे।
नेताओं ने अपने वक्तव्य में कहा बक्सर जिला अंतर्गत चौसा थाना के बनारपुर गांव के पास पावर प्लांट बनाने का काम चल रहा है। 2010 में जमीन का अधिग्रहण करते समय 26 लाख रुपए मुआवजा तय की गई थी। परंतु किसानों को मिला मात्र ₹2800000 की दर से ,यह किसानों के साथ घपला था ,तत्कालीन समय में कुछ जमीन लीज पर भी ली गई थी जिसे आज स्थाई अधिग्रहण की ओर कंपनी बड़ा है ,साथ ही साथ रेलवे कॉरिडोर के नाम पर भी जमीन अधिग्रहण किया गया ,किसानों की मांग थी कि 2010 में जो 3600000 रुपए तय की गई थी उसे किसानों को दी जाए इसमें ₹800000 की जो घोटाला आज तक हुआ है इसे भी किसानों को भुगतान किया जाए। दूसरा मांग यह था कि आज के तिथि में जो जमीन अधिग्रहण की जा रही है उसका मूल्य यानी मुआवजा आज के मूल्य के अनुसार भुगतान किया जाए। इन मांगों को लेकर विगत 84 दिनों से सैकड़ों किसान पावर प्लांट के गेट पर धरना पर बैठे हुए हैं।
विगत 10 जनवरी की रात्रि में बनारपुर गांव के किसानों के घर में घुसकर महिला पुरुष सबों को पुलिस ने बर्बर पिटाई ।आक्रोशित किसानों ने 11 जनवरी को पावर ग्रिड के गेट पर और भी आंदोलन को तेज कर दिया। बौराई पुलिस ने धरना का नेतृत्व कर रहे 20 किसानों को नामजद करते हुए ढाई सौ लोगों को अज्ञात करते हुए मुकदमा दर्ज कर दिया है।
किसानों के आंदोलन की उग्रता को देखते हुए उच्च पुलिस अधिकारी ने दारोगा को वहां से ट्रांसफर कर दिया है ।हास्यास्पद बात तो यह है कि जिस दरोगा को स्थानांतरित किया गया है उसे विगत 8 माह पहले ही उस थाने से बिल्मित किया जा चुका है, तब यह सवाल उठता है कि यह थाना प्रभारी 8 महीने से इस थाने में उस पद पर कैसे था तथा किसानों पर दमन क्यों किया ।
आज प्रतिवाद कार्यक्रम के माध्यम से मांग किया गया
। बक्सर सहित संपूर्ण बिहार में पुलिसिया दमन पर रोक लगाई जाए।
। बनारपुर मेंआंदोलनरत किसानों पर से मुकदमे वापस लिए जाएं।
। पावर प्लांट तथा रेलवे कॉरिडोर में अधिग्रहण की जा रही जमीन का आज के मूल्य के अनुरूप मुआवजा दी जाए ।




