दुष्कर्म के आरोपी को दस साल का सश्रम कारावास की सजा!

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पंकज कुमार जहानाबाद।

शादी का झांसा देकर किया था दुष्कर्म

एडीजे प्रथम सतीश कुमार देव की अदालत ने सुनाया फैसला

छःवर्ष पूर्व बंगाल में नर्स की ट्रेनिंग कर रही महिला को शादी करने का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी श्याम विनय प्रसाद के सजा की बिंदु पर शुक्रवार को सुनवाई पूरा करने के उपरांत एडीजे प्रथम सतीश कुमार देव की अदालत ने भादवि की धारा 376के तहत दस साल का सश्रम कारावास तथा दस हजार रुपये अर्थ दंड भुगतान करने का फैसला सुनाया। अर्थ दंड का भुगतान नहीं करने परआरोपी को छः माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा ।उपरोक्त आशय की जानकारी अपर लोक अभियोजक शैलेंद्र कुमार सिंह ने दी है। उन्होंने बताया कि इस मामले के विचारण के दौरान एक आरोपी सुशीला देवी की मौत हो गई थी। जबकि एक अन्य आरोपी सोनू प्रसाद को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देकर रिहा करने का फैसला सुनाया। उन्होंने बताया कि इस मामले में पीड़ित महिला ने रेल थाना जहानाबाद में श्याम विनय प्रसाद उसकी पत्नी सुशीला देवी तथा पुत्र सोनू प्रसाद को नामजद कर प्राथमिकी दर्ज कराया था। दर्ज प्राथमिकी में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि ट्रेन में यात्रा के दौरान श्याम विनय प्रसाद से मुलाकात हुई थी ।वह कनौदी रेलवे गुमटी में कार्यरत था।वह मुझे अपने क्वार्टर में बुलाकर मुझे शादी का झांसा देकर मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद शादी करने के नाम पर वह हमेशा टालमटोल करता रहा। जब मैं उसके घर पर गई तो उसकी पत्नी तथा बेटा मेरे साथ मारपीट कर जान लेने का प्रयास किया तथा मेरा गहना भी छिन लिया।।बाद में इस मामले में पुलिस के द्वारा सुलह करा दिया गया था। उसके बाद भी श्याम विनय प्रसाद मेरे साथ लगातार संबंध बनाता रहा। दिनांक 4 /6/2015 को जब मैंने उससे शादी करने के लिए पुनः दबाव बनाया तो वह मुझे मारपीट कर भगा दियाऔर बोला कि जहां जाना है जाओ। तब पीड़िता ने रेल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराकर न्याय की गुहार लगाई थी। इस मामले में अभियोजन की ओर से पांच गवाह प्रस्तुत किए गए थे।

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