राजद नेता गुलाब यादव और IAS संजीव हंस पर महिला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लगाया गैंगरेप का आरोप!

SHARE:

रिपोर्ट – अमित कुमार

बिहार के ऊर्जा सचिव संजीव हंस के साथ-साथ राजद के पूर्व विधायक गुलाब यादव की मुश्किल अब बढ़ती दिख रही है। दोनों के खिलाफ एक महिला ने आरोप लगा रखा है कि शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। अब पटना हाइकोर्ट ने इस मामले में दानापुर के एसीजेएम के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसके तहत निचली अदालत ने पीड़िता के द्वारा अपने साथ हुई घटना की प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने का अनुरोध दानापुर के एसीजेएम से किया था।
गायत्री यादव ने नवंबर 2021 में अपने खिलाफ दुष्कर्म का केस फाइल किया जिसमें संजीव हंस और गुलाब यादव का नाम शामिल है। जो कि अभी तक FIR रजिस्टर्ड नहीं हुआ जो कि कोर्ट ने जांच का आदेश दिया गया था । कोर्ट में जांच का आदेश रिपोर्ट पूरा लगाए बिना केस को कंप्लेंट केस स्ट्रीट करके खारिज कर दिया गया। के बाद गायत्री यादव ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है अपने साथ हुए दुष्कर्म की जांच की मांग दुबारा की है। गायत्री यादव का आरोप है कि संजीव हंस (आईएएस)और गुलाब यादव ( पूर्व विधायक) ने उनके साथ गैंग रेप किया। मीडिया से बातचीत के दौरान गायत्री यादव ने बताया कि गुलाब यादव शादी का झांसा देकर उनके साथ दुष्कर्म करता रहा शादी का झूठा प्रस्ताव देकर दिल्ली में कुछ दिन तक गुलाब यादव ने रेप किया गायत्री का कहना है कि गुलाब यादव गुलाब यादव पुणे में परिवार के साथ रहते थे उन्होंने मुझे बताया कि अपनी बीवी के साथ तलाक ले चुका हूं और हम दोनों शादी कर लेते हैं मुझे पुणे बुलाया गया वहीं पर मैं संजीव हंस को पहली बार मिली उसके बाद डरा धमका कर गायत्री यादव की न्यूड फोटो दिखाकर लगातार दोनों ही मिलकर उनके साथ दुष्कर्म किया।
आपको बता दें कि गायत्री यादव का बेटा भी है जो कि (आर्यन 4 वर्ष ) का है।आर्यन का जन्म 25/12/2018 को हुआ था। 2021 में जब गायत्री ने केस दर्ज किया तो संजीव हंस ने बात करना शुरू की गायत्री यादव का कहना है कि 4 साल तक संजीव हंस ने कोई बात तक नहीं की थी यहा तक मेरा नंबर भी ब्लॉक रखा गया था और वह एडमिट भी कर रहे हैं कि बेटा आर्यन संजीव हंस का ही । संजीव से बातचीत के दौरान की रिकॉर्डिंग भी उनके पास है लेकिन रिकॉर्डिंग न्यायालय में पेश की जाएगी। गायत्री यादव ने आर्यन के डीएनए टेस्ट की जांच करने की बात कही।
गायत्री यादव की न्यायालय से यही मांग है कि बेटे को कानूनी अधिकार मिले उनके बच्चे को पिता का नाम मिले।

Join us on:

Leave a Comment