प्रशान्त कुमार की रिपोर्ट
बेगूसराय जिला न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी करने पर बेगूसराय जिला न्यायालय के सीजेएम को जान से मारने की धमकी मिली है। इस घटना को लेकर सीजेएम के जीआर पेशकार नागेश मोहन सिन्हा के द्वारा नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है सीजेएम कार्यालय के जीआर पेशकार नागेश मोहन के द्वारा इस घटना के संबंध में जो आवेदन नगर थाना में दिया गया है जिसके बाद नगर थाना में कांड संख्या 740/ 2022 के रूप में दर्ज की गई है और मुकदमा भारतीय दंड विधान की धारा 148 353 506 के तहत दर्ज कराई गई है। इस केस के सूचक नागेश मोहन सिन्हा ने अपने प्राथमिकी में बताया है कि 22 नवंबर 2022 को डाक के माध्यम से मेरे कार्यालय में एक लिफाफा प्राप्त हुआ है जिसमें एक पत्र के माध्यम से शालिग्राम कनौजिया पिता राम आशीष दास द्वारा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बेगूसराय श्रीमती रूम्पा कुमारी को गैर जमानती वारंट जारी करने पर जान से मारने की धमकी दिया गया है जिस संबंध में मैडम के द्वारा पुलिस अधीक्षक महोदय को सूचित किया गया है। मामले को दर्ज कराने के बाद नगर थाना के द्वारा इस मामले में अनुसंधान शुरू कर दी गई है हालांकि इस प्राथमिकी में आरोपित शालिग्राम कनौजिया का पता नहीं दिया गया है ना ही उस मामले के बारे में बताया गया है जिसमें गैर जमानती वारंट जारी करने की चर्चा की गई है। इस संबंध में जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व महासचिव अमरेंद्र कुमार अमर ने कहा कि पुलिस प्रशासन के द्वारा अविलंब न्यायिक दंडाधिकारी को धमकी देने वाले को गिरफ्तार करें क्योंकि जिस तरह से बदमाशों के द्वारा न्यायपालिका पर हमला किया गया है और एक न्यायिक दंडाधिकारी को पत्र भेजकर जान से मारने की धमकी दी गई है वह कहीं से भी सही नहीं है बदमाशों में पुलिस का खौफ हो इसके लिए अविलंब उसकी गिरफ्तार किया जाए।
बाईट- अमरेंद्र कुमार अमर, अधिवक्ता




