कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
जिले का हॉटस्पॉट में शुमार करकतगढ़ जलप्रपात के जंगलों में बाघ की कोई प्रजाति नहीं है। कुछ दिन पहले से एक फेक न्यूज़ जंगल के सीन में करकतगढ़ को बताया गया है जहां बाघ को रास्ता पार करते हुए देखा गया है। यह न्यूज़ फेक है और भ्रामक भी है क्योंकि बाघ
की कोई प्रजाति करकट गढ़ के जंगलों में नहीं है यह प्रजाति गुजरात के जंगलों में पाई जाती है। कैमूर वन प्रमंडल इस वीडियो को देखकर इसके तहतक जाने के लिए पूरी जांच भी कर चुका है। जांच के क्रम में यह बात पाई गई है की यह जो वीडियो दिखाया जा रहा है वह राजगीर के चिड़िया घर से लिया गया है परंतु भ्रामक खबर करकट गढ़ से जोड़कर दिखाया गया है जो पूरी तरह से गलत ही नहीं तथ्य हीन भी है। इस संदर्भ में कैमूर वन प्रमंडल अधिकारी चंचल प्रकाशम से पूछे जाने पर बताया कि सैलानियों को डरने की जरूरत नहीं है और ना ही अफवाहों पर ध्यान देना है। DFO ने कहा कि ऐसे फेक न्यूज़ वाले लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए इस संदर्भ में हम पुलिस से भी बात करेंगे। उन्होंने इस संदर्भ में कहा कि पर्यटकों को किसी तरह के भ्रांति पर ध्यान नहीं देना है करकतगढ़ पूरी तरह से सुरक्षित है और यहां इस तरह की प्रजाति का कोई भी हिंसक जानवर नहीं है। लोग वहां जाएं एवं पर्यटक का आनंद लें आते जाते जंगली जानवरों को कैमरे में कैद करें परंतु इसे छेड़छाड़ ना करें वन विभाग की टीम पर्यटकों के सुविधा को लेकर पूरी तरह से सजग है।




