कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
शनिवार को कैमूर जिले के भभुआ शहर के बैजनाथ भवन में समाजसेवी व अधिवक्ता प्रेमनाथ जायसवाल की अध्यक्षता में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण कर मनायी गयी। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि 19 नवंबर 1828 ई. को वाराणसी जिले के मदैनी नामक नगर में झांसी रानी लक्ष्मीबाइ का जनम हुआ था। इनके पिता का नाम मोरोपंत तांबे था और माता का नाम भागीरथी नाई था। ये मराठी पंडित थे। ये 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्रमा की वीरांगना थी। उनके महान देश प्रेम और स्वतंत्रता की उदत्त भावना को स्मरण किया गया। इस अवसर पर नारी सशक्तिकरण के संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर, 1828 को बनारस के एक मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वह 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध बिगुल बजाने वाले वीरों में से एक थीं। बचपन में उनका नाम मणिकर्णिका था और प्यार से उन्हें मनु कहकर बुलाया जाता था। बैठक में रामअवतार तिवारी, पप्पु सिंह, निहोरा प्रसाद, अशोक गुप्ता, रामवचन प्रसाद, रणजीत सिंह यादव, कामेश्वर नारायण सिन्हा, नीलम देवी, सीमा कुमारी, सीता देवी, राजन कुमार समेत कई लोग मौजूद रहें।




