संतोष तिवारी की रिपोर्ट :-
मुज़फ़्फ़रपुर
एमसीपीआई (युनाइटेड) के 5वें राष्ट्रीय अधिवेशन के तीसरे दिन पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव द्वारा राष्ट्रीय – अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक मुद्दों के मुतल्लिक प्रतिनिधि सत्र में रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिस पर देश के सभी प्रांत से आए प्रतिनिधियों ने जमकर बहस की तथा अपने सारगर्भित सुझाव देकर रिपोर्ट को समृद्ध किया ।इस प्रतिनिधि सत्र में प्रतिनिधिगण अपनी बात रखते हुए देश और दुनिया में पूंजीपति वर्ग द्वारा सर्वहारा वर्ग पर किये जा रहे उत्पीड़न – दमन में हो रही लगातार वृद्धि पर चिंता जाहिर की तथा आक्रोश जताया। काम के घंटों का बढावा जाना, तालाबंदी और छंटनी का लगातार होना, श्रमिक कानून में निरंतर बदलाव कर दमन व शोषण का रास्ता अख्तियार करना, श्रमिकों वर्गों को मिलने वाली सुविधाओं में लगातार कटौती करना इत्यादि ऐसे तमाम मुद्दों पर तमाम प्रतिनिधियों ने आक्रोश जाहिर करते हुए आंदोलन खड़ा करने और कार्पोरेटस समर्थित सरकार को सता से बेदखल करने पर बल दिया।
यह प्रतिनिधि सत्र कामरेड नागभूषण,राजादास, किरणजीत सिंह शेखो की अध्यक्ष मंडली की देख रेख में चली। इस प्रतिनिधि सत्र में भाग लेने वालो में प्रमुख प्रतिनिधि रवि गोडगाणी,, एम वेकन्ना, सुधाकर रेड्डी, नारायण शर्मा, प्रोफेसर कृष्णनंदन सिंह, प्रोफेसर धीरेंद्र धीरु, राजाबाबू, मदन कुमार गहलोत, महेन्द्र पाण्डेय, कृष्णा एमाल, लीला शर्मा आदि दर्जनों प्रतिनिधि थे।




