कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
आज ही के दिन यानी 9 नवंबर के ही दिन वर्ष 1995 में विधिक सेवा प्राधिकार अधिनियम, 1987 प्रभाव में आया इसलिए इस तिथि को राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अधिनियम के अंतर्गत राष्ट्रीय, प्रादेशिक, जिला और तालुका स्तर पर विधिक सेवा प्राधिकरणों का गठन हुआ है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा वंचितों एवं पीड़ितो को विधिक सेवा देने के संबंध मैं कई व्यापक योजनाएं तैयार की गईं हैं। योजनाओं के अतरिक्त यूटीआरसी, भीआइसीटीआइएम कंपेशन स्कीम, मध्यस्थता, लोक अदालत इत्यादि के माध्यम से जिला सेवा प्राधिकार द्वारा निरंतर विधिक सेवाएं प्रदान की जाती हैं। इधर 31 अक्टूबर से 13 नवंबर तक चले वाले राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली के तत्वधान में आयोजित बिधिक जागरुकता एवं संपर्क के माध्यम नागरिक सशक्तिकरण अभियान की श्रृंखला के रूप में बुधवार को भभुआ व्यवहार न्यायालय परिसर में विधिक सेवा दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार कैमूर द्वारा किया गया। न्यायिक पदाधिकारी, जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारीगण तथा वरिष्ठ सदस्यगण, वादकारियों एवं आमजन द्वारा प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। प्रदर्शनी में नालसा की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के अतरिक्त जिला प्राधिकार तथा न्यायमंडल की उपलब्धियों को दर्शाया गया है।
इस दौरान बताया गया कि समानांतर चल रहे हक हमारा भी तो है @75 अभियान के अंतर्गत मंडल कारा में सभी प्रकार के कैदियों का विधिक सेवा उपलब्धता के संबंध में पूर्ण ब्यौरा प्राधिकार द्वारा एकत्र किया जा रहा है जो अपने लगभग अंतिम चरण में है। वहीं 12 नवंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय Bhabua एवं अनुमंडल न्यायालय मोहनियां ने आयोजित किया जा रहा है।




