बक्सर से धीरज कुमार की रिपोर्ट..
बक्सर के श्मशान घाट पर लाशों पर हो रही है सौदेबाजी, मुक्ति और मंत्र पढ़ने के नाम पर मुंह मांगी कीमत नहीं देने पर मृतक के परिजनों के साथ हो रहा है बदसलूकी
यह मुद्दा कुछ अलग तो है लेकिन यही हकीकत है बात करें लूट-खसोट की तो यहां के हाकिमो के A.C लगा ऑफिस हो या चिताओं से धधकता हुआ शमशान इसका साम्राज्य हर जगह व्याप्त है
बक्सर स्थित श्मशान घाट पर शमशान कर्मियों के द्वारा मुखाग्नि और मुक्ति के नाम पर मोटी पैसा वसूलने को लेकर शव को घन्टो चिता पर रोक के रखना और अंतिम संस्कार के लिए आने वाले मृतक के परिजनों से अभद्र व्यवहार करना एक आम बात बन कर रह गई है यूं कहें आज के परिवेश में गरीबों के लिए जीना तो दूर की बात मरना भी एक बड़ी समस्या है जिसका गवाह है रिपोर्टर के द्वारा कैद की गई लाइव वीड़ीयो जिसमें साफ तौर पर यह स्पष्ट हो रहा है कि एक कैसे अंतिम संस्कार कर्मी के द्वारा मृतक के गरीब परिजनों से मोटी रकम वसूलने को लेकर मजबूर और परेशान किया जा रहा है और यही नहीं 21 सौ से लेकर ग्यारह हजार का अंतिम संस्कार का रेट भी बताया जा रहा है।
इस मुद्दे पर भुक्तभोगी लोगों का कहना है कि प्रशासन के सुस्त रवैए के चलते यहां के दाह संस्कार कर्मियों में मानवता नाम का कोई चीज नहीं है पीड़ित व्यक्ति चाहे अमीर हो या गरीब यह कर्मी किसी पर भी दया दिखाने का काम नहीं करते हैं एक तो घर के सदस्य गुजरने का दुखः तो दूसरी तरफ यहां के कर्मी और भी ज्यादा दुखी कर देते हैं
बाईट- मृतक के परिजन




