पंकज कुमार ठाकुर कार्यकारी संपादक!
शुक्रवार को गृह मंत्री बिहार की धरती पूर्णिया पहुंचे जहां इसे 2024 का लोकसभा चुनाव का शंखनाद कहा जा रहा है! दरअसल मामले को समझें लोकसभा चुनाव के आहट के साथ ही राजनीति दांव पेच की गुलाटी शुरू हो चुकी है! और भाजपा पूरे इस मौके को अच्छी तरह से भुनाना चाह रही है! दरअसल भारतीय जनता पार्टी समझ रही है 24 के लोकसभा चुनाव के लिए बिहार बंगाल और उत्तर प्रदेश जीतना जरूरी है! गौर करें तो इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश से की गई है! इधर राजनीतिक विश्लेषक बताते है की मोहन भागवत का इमाम से मिलना और मिलने के बाद इमाम साहब का मोहन भागवत को राष्ट्रपिता कहना या राष्ट्र ऋषि कहना मुस्लिम वर्ग का एक बड़ा वोट भाजपा के कुनवे से जुड़ सकता है! जहां विपक्षी की मुस्लिम वोटों पर गिद्ध दृष्टि जमी हुई थी! अब ऐसे में वोट का बंटवारा तय माना जा रहा है! जो विपक्षी एकता की सबसे बड़ी हार होगी! अब जरा समझो 1 दिन पूर्व इमाम साहब का बयान आता है और अमित शाह दूसरे दिन सीमांचल पहुंचते हैं! जहां मुस्लिम बहुल क्षेत्र है ! ऐसे में यहां विश्लेषक बताते हैं ! भारतीय जनता पार्टी अच्छी तरह भली-भांति जानती है कि उत्तर प्रदेश के बाद बंगाल जीतना जरूरी है और बंगाल से पुरवइया हवा के झोंके से बिहार पहुंचकर! यहां भी जीत की दस्तक दी जा सकती है! यही कारण है कि रैली में आज जातीय समीकरण को साधते हुए नेताओं को मंचासीन किया गया था! भाजपा बिहार में कोई रिक्स लेना नहीं चाहती है!




