अमित कुमार की रिपोर्ट :-
17 साल से एनडीए की सरकार में कृषि मंत्री बीजेपी के पास रही है
17 साल से बिहार में बीजेपी ने कृषि मंत्रालय को बर्बाद किया है
बिहार में रोपनी का समय जुलाई और अगस्त उपयुक्त समय होता है
यूरिया पर्याप्त मात्रा में भारत सरकार ने दिया ही नहीं तो कैसे तस्करी का आरोप लगा रहे हैं
उर्वरक कंपनियां भारत सरकार की कंपनी है
बिहार मैं उर्वरक कंपनियाँ सही कार्य नहीं कर रही है
225000 करोड़ सब्सिडी उर्वरक कंपनियों का भारत सरकार ने दिया
उर्वरक कंपनियों ने कीमत से अधिक मूल्य पर बुड़बक को भेजा यह बात सामने आई उसके बावजूद भी
जबकि नियम है उर्वरक कंपनिया अधिक रेट पर बेचने पर सब्सिडी का लाभ उर्वरक कंपनियों को नहीं दिया जाता है
किसानों को उर्वरक सही से मिले इसलिए उर्वरक विक्रेताओं और लाइसेंस के लिए नियमों में बदलाव किया जा रहा है
मंत्रिमंडल में आने के बाद मैंने गड़बड़ी करने वाले जाँच की कार्रवाई की है
कृषि अधिकारियों में तब्दीली करना चाहता हूं और तब्दीली होगी तो और बेहतर कार्य होगा.
चौथा कृषि रोड मैप बिहार के लिए बिहार के लिए नही देश के लिए रोल मॉडल होगा
किसानों को बेहतर खेती करने के लिए बेहतर नीति के माध्यम से काम होगा
कृषि मंडी को से हम फिर से वापस लाएंगे.दो कृषि रोडमैप सही से नहीं काम किया है इसलिए खाद्यान्न का उत्पादन बिहार में कम हुआ है,
बिहार सरकार के कृषि विभाग में अब विशेषज्ञों का सलाह लेकर काम होगा
बिहार में सिर्फ अधिकारियों पर जो निर्भरता थी उसे कम की गई है,
कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में मेरे नहीं रहने को कोई गलत मतलब नहीं लगाए
मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है समीक्षा करने की
मुख्यमंत्री को जहां मेरी जरूरत है मुझे वहां बुलाया जाता है मैं वहां मौजूद रहता हूं
बिहार में कृषि मंडी शुरू किया जाए इसलिए मैंने विभागीय पत्र भी लिख दिया है!




