ऋषभ कुमार की रिपोर्ट :-
आज जितिया का पर्व है। महापर्व छठ के बाद यदि कोई पर्व है जो सबसे कठिन माना जाता है तो वो है जितिया व्रत। माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र की कामना करती है,और इस पर्व का पौराणिक संबंध भी जुड़ा रहा है। आखिर संतान की लंबी उम्र के लिए निर्जला पर्व मनाने की यह परंपरा क्यों शुरू हुई , देखिए इस रिपोर्ट के जरिए।
वैशाली के महनार कि यह वृद्ध मां जितिया पर्व कर रही है। और इस वृद्ध मां के तीन तीन बेटे हैं। और सभी कामयाब है। दूसरे राज्यों में रहकर रोजगार कर रहे हैं। लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर आज उनके साथ उनके परिवार के सभी सदस्य हैं । बासुदेवपुर चंदेल के गांव के रहने वाली यह वृद्ध महिला दुखिया देवी,पति जोगा दास इस बात से खुश जरूर है। की उनके बच्चे काबिल बन चुके हैं। यह बूढ़ी मां इस उम्र में हर साल पूरे निष्ठा भावना के साथ जितिया व्रत रखती है। अपने बच्चों के लिये




