रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-
सीएम नीतीश के महागठबंधन में शामिल होने से असहज महसूस कर रहे थे!
पटना : एक और जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी पार्टी को एक करने की मुहिम में जुटे हुए हैं वहीं दूसरी ओर उनकी पार्टी जदयू में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। जदयू के प्रदेश प्रवक्ता निखिल मंडल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र सोशल मीडिया पर भी जारी कर दिया है।
इस्तीफे की कॉपी के साथ निखिल मंडल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है-6 साल 7 महीने और 12 दिन तक मुझे तमाम मीडिया के साथीगण से अपार प्यार और सम्मान मिला। इसके लिए मैं सभी को दिल से धन्यवाद देता हूं। ट्विटर पर निखिल मंडल का पार्टी जनों के बदले मीडिया के साथियों को संबोधित करना कुछ संकेत देता है जिसके कई मायने निकाले जा रहे हैं।
महज तीन वाक्य के अपने इस्तीफे में हालांकि निखिल मंडल ने त्यागपत्र देने का कोई कारण जाहिर नहीं किया है। उन्होंने निजी कारणों से प्रदेश प्रवक्ता पद से त्यागपत्र देने की बात बताई है और पार्टी के नेताओं को प्रवक्ता पद पर अब तक बनाए रखने के लिए धन्यवाद भी दिया है।
निखिल मंडल के इस्तीफे से कई कयास लगाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि एनडीए से अलग होकर महागठबंधन के साथ सरकार बनाने के निर्णय से कुछ लोग नाराज चल रहे हैं। निखिल मंडल का त्यागपत्र उसी असंतोष का एक प्रतीक है। वे 31 जनवरी 2016 से पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता थे। वह मीडिया के समक्ष खुलकर अपनी बात रखते थे। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से निखिल मंडल पार्टी के गतिविधियों से असंतुष्ट चल रहे थे। हालांकि, उन्होंने कभी भी अपनी नाराजगी जाहिर नहीं होने दी।
दरअसल, निखिल मंडल पिछले चुनाव में मधेपुरा से जदयू उम्मीदवार थे, जहां उन्हे राजद के चंद्रशेखर के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा था। बावजूद वे क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे। माना जाता है कि वे अगला चुनाव भी लड़ना चाहते थे लेकिन राजद के साथ जदयू के चले जाने के बाद उनकी सीट चंद्रशेखर के पास जाने की पूरी संभावना है। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि अब तक राजद पर जदयू प्रवक्ता के रूप में हमलावर रहे निखिल अब किस मुंह से उसकी तारीफ करेंगे? यह भी कयास लगाया जा रहा है कि वे देर-सवेर भाजपा का दामन पकड़ेंगे!




