अश्वनी सिंह की रिपोर्ट :-
वाल्मीकिनगर — भारत नेपाल सीमा पर अवस्थित बेलवा घाट परिसर में भाद्रपद पूर्णिमा के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय न्यास स्वरांजलि सेवा संस्थान द्वारा 106 वीं नारायणी गंडकी महाआरती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ लोकप्रिय कलाकार डी. आनंद, संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर संगीत आनंद, आचार्य पंडित उदयभानु चतुर्वेदी, राष्ट्रीय अध्यक्षा अंजु देवी, एडिटर स्वरांजलि सरगम, कोषाध्यक्ष शिव चंद्र शर्मा, एवम् अभिनेत्री कुमारी संगीता, ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके किया। समाजसेवी श्री संगीत आनंद ने बताया कि भाद्रपद महीने में ही भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। इंद्रदेव बारिश के रूप में अमृत बरसाते हैं। जिससे किसान खुशहाल होते हैं। इस माह का विशेष महत्व है। वही लोकप्रिय कलाकार श्री डी. आनंद ने कहा कि भाद्रपद पूर्णिमा तिथि को संगम तट पर कथा श्रवण करने और महा आरती में शामिल होने से पुण्य की प्राप्ति होती है। आचार्य पंडित उदयभानु चतुर्वेदी ने कहा कि पावन पूर्णिमा तिथि को नारायणी गंडकी महा आरती का आयोजन एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक पहल है। इसके निरंतर आयोजन से वाल्मीकि नगर पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। गायक शिवचंद्र शर्मा ने कहा कि संस्था द्वारा हर दिन सुबह शाम लावारिस दिव्यांग जनों को घूम घूम कर निः शुल्क भोजन प्रदान किया जाता है। इससे बड़ा कोई धर्म नहीं। एसएसएस ट्रस्ट के संरक्षक व नेपाल के धर्मपाल गुरु वशिष्ट जी महाराज के सौजन्य से आगत अतिथियों को अंगवस्त्रम द्वारा सम्मानित किया गया।




