अमित कुमार की रिपोर्ट :-
पूर्व कृषि मंत्री बिहार अमरेंद्र प्रताप सिंह की प्रेसवार्ता
वर्तमान कृषि मंत्री के बयान की केंद्र से कम खाद मिल रहा है पर दिया बयान कहा
केंद्र पर दोष देना आसान काम है
हमलोगों ने जीरो टॉलरेंस नीति का पालन किया है,जितनी कीमत तय है उसको डिस्प्ले करे और उतनी कीमत पर बेचने का आदेश दिया
कोरोना काल मे कुछ परेशानी हुई थी,कमी का सामना करना पड़ा था।
हमलोगों ने किसानों की परेशानी को ध्यान रखा और उसे दूर किया।
खरीफ के समय हमलोगों ने केंद्र सरकार के साथ बैठक की और आपूर्ति को सुनिश्चित कराया
केंद्र सरकार पर कम आपूर्ति का दोष दिया जा रहा है
87 प्रतिशत उपलब्ध है ,उसके बाद भी हाहाकार मची है
ये स्थिति क्यों पैदा हुई है ये कृषि मंत्री बताये
धान की रोपनी कितने प्रतिशत हुई है ,धान की रोपनी 40 प्रतिशत की हुई है तो फिर खाद की किल्लत क्यों हुई।
हमलोगों ने माफिया पर नकेल कसा था,लेकिन आज माफिया फिर से सक्रिय हो गयी है।
बिहार में अभी तक 7लाख 70 हजार मीट्रिक टन आवश्यकता है पूरी खेती हो तब
30 अगस्त तक 6 लाख 71525 हजार मीट्रिक टन की आपूर्ति हुई है
जिला कृषि अधिकारी क्या कर रहे है,माफिया पर नकेल क्यों नही कसी गयी हैं
केंद्र सरकार आवश्यकता से अधिक दे रही है लेकिन खाद जा कहा रही है।




