रिपोर्ट -अनमोल कुमार पटनाः
PFI सदस्यों ने पूछताछ में बताया था कि RSS शाखा की तरह ट्रेनिंग दी जाती है
मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया
पटना के SSP मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बीते गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर PFI के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है और पूरे मामले की जानकारी दी। वही उन्होंने PFI की ट्रेनिंग की तुलना RSS से कर दी जिसको लेकर बवाल मच गया। वही अब शुक्रवार को SSP ने एक न्यूज़ चैनल से इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला जा रहा है। SSP ने कहा कि जिन लोगों को पटना के फुलवारी शरीफ के नया टोला से पकड़ा गया है उन लोगों ने पुलिस से पूछताछ में बताया है कि जिस तरह RSS की शाखा में ट्रेनिंग दी जाती है उस तरह ये लोग भी ट्रेनिंग देते हैं। पुलिस की जांच में जो सामने आया यही बात वह पीसी में कल बता रहे थे। जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है पूछताछ में उन लोगों ने यह बात कही है। RSS पर मैंने कोई गलत टिप्पणी नहीं की, बेवजह विवाद न खड़ा किया जाए। बीते गुरुवार को प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा की तरह युवाओं को शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाता था। उन्होंने कहा कि मदरसे से यह लोगों को मोबिलाइज करते थे और कट्टरता की ओर मोड़ रहे थे। इसका मोड वैसे ही था जैसे शाखा की होती है। आरएसएस की शाखा ऑर्गेनाइज की जाती है और लाठी की ट्रेनिंग होती है, वैसे ही ये फिजिकल ट्रेनिंग के नाम पर यूथ को प्रशिक्षण दे रहे थे और अपने प्रोपेगेंडा के माध्यम से ब्रेनवाश कर रहे थे। गौरतलब है कि SSP मानवजीत सिंह ढिल्लों के बयान के बाद पूर्व डिप्टी सीएम और भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी, मंत्री सम्राट चौधरी समेत कई बड़े नेताओं ने SSP ढिल्लो को माफी मांगने की बात कही थी। वहीं कुछ नेता सस्पेंड करने की मांग करने लगे थे। अब SSP ने इस पूरे मामले पर अपना बयान दिया है कि उनके दिए गए बयान का आखिर क्या मतलब था।




