नीरज कुमार की रिपोर्ट :-
बरौनी
हर्ल मुख्य द्वार पर शुक्रवार से साझा प्रयास बरौनी औद्योगिक क्षेत्र बैनर तले स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता एवं क्षेत्र के विकास में गारंटी सुनिश्चित करने को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के माध्यम से प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया।ज्यों ज्यों दिन बढ़ते जा रहे हैं इस आंदोलन में लोग के शामिल होने की संख्या बढ़ती जा रही है।बताते चलें कि भूखड़ताल की शुरूआत में 7 लोग आंदोलन पर बैठे थे जो जब 10 हो गया है।वहीं भूखड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों में दो की हालत की बिगड़ती जा रही है।फिर प्रबंधन संवेदनहीन बना हुआ है।वहीं भूखड़ताल पर बैठे आंदोलन कर रहे लोगों ने अपनी सात सुत्री मांग जैसे हर्ल गेट के बाहर का मैदान जो कि एचएफसी के समय से ही क्षेत्र की युवाओं और खिलाड़ियों के दौड़ने और खेल-कूदने के काम आता रहा है।उसे लिखित रूप से स्टेडियम के लिए घोषित या अधिकृत किया जाए। साथ ही इस स्थल पर स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू किया जाए।खिलाड़ियों के लिए स्थाई/संविदा आधारित नौकरियों में खेल कोटा आरक्षित किया जाए।ग्रेड डी में स्थाई रूप से रखे गए सभी कर्मियों की सूची पूरी जानकारी के साथ उपलब्ध कराई जाए।कॉलोनी परिसर की खाली जमीन पर अस्पताल का निर्माण कराया जाए, साथ ही एक उच्च स्तरीय सभागार का निर्माण हो।कारखाना में उत्पादन शुरू होने के बाद 8 किलोमीटर परिधि क्षेत्र के लोगों के लिए मुफ्त पानी, बिजली, चिकित्सा की व्यवस्था हो।वर्ष 2013 में बरौनी खाद कारखाना को शुरू करने के लिए भूख हड़ताल पर बैठे 12 लोगों को वर्तमान के हल बरौनी में ग्रुप डी के तहत उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी में जगह दी जाए।राजकीयकृत मध्य विद्यालय बीहट में कला मंच का निर्माण कराया जाए।से प्रबंधन को अवगत कराया है।साथ ही आंदोलन कर रहे लोगों ने कहा है जबतक उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनती है।भूखड़ताल जारी रहेगा।




