वेद मानवधर्म का नियम शास्त्र हैः संतोष आर्य

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Report :- Neeraj Kumar

धर्म के नाम पर खून बहाने वाले लोग धर्म को नहीं जानते

बरौनी

अभेदानंद आश्रम आर्य समाज मंदिर बारो में यज्ञ हवन का आयोजन किया गया।जिसके मुख्य यजमान डॉ सुधीर पासवान थे।आचार्य अरुण प्रकाश आर्य के द्वारा यज्ञ हवन संपन्न कराया गया ।यज्ञ के उपरांत भारत के वर्तमान परिस्थिति पर बोलते हुए संतोष आर्य ने कहा आज धर्म के नाम पर लोगों का खून बहाया जा रहा है।जबकि वास्तविकता यह है कि उन्हें धर्म की कोई जानकारी ही नहीं है।किसी भी वस्तु के स्वाभाविक गुणों को उसका धर्म कहते है जैसे अग्नि का धर्म उसकी गर्मी और तेज है।गर्मी और तेज के बिना अग्नि की कोई सत्ता नहीं।अत: मनुष्य का स्वाभाविक गुण मानवता है।यही उसका धर्म है।कुरान कहती है मुस्लिम बनो।बाइबिल कहती है ईसाई बनो। किन्तु वेद कहता है मनुर्भव अर्थात मनुष्य बन जावो।अत: वेद मानवधर्म का नियम शास्त्र है।जब भी कोई समाज,सभा या यंत्र आदि बनाया जाता है।तो उसके सही संचालन के लिए नियम पूर्व ही निर्धारित कर दिये जाते है।परमात्मा ने सृष्टि के आरंभ में ही मानव कल्याण के लिए वेदों के माध्यम से इस अद्भुत रचना सृष्टि के सही संचालन व सदुपयोग के लिए दिव्य ज्ञान प्रदान किया।अत: यह कहना गलत है कि वेद केवल आर्यों (हिंदुओं) के लिए है।उन पर जितना हक हिंदुओं का है उतना ही मुस्लिमों का भी है।धर्म और विज्ञान का आपस में अभिन्न संबंध है।गीता में श्रीकृष्ण कहते है कि ‘यतो धर्मस्ततो जय:’अर्थात जहां धर्म है वहां विजय आगे आता है कि अर्थात वेद धर्म का मूल है। इस मौके पर शिवजी आर्य,डॉक्टर सुधीर पासवान, सत्यदेव आर्य,राजेंद्र आर्य,राजन आर्य,आर्य,धर्मेंद्र आर्य,सुधीर आर्य,अरुण जी,आचार्य भूपेंद्र आर्य,कैलाश आर्य, रामप्रवेश आर्य ,गोविंद, सोनू, सूखेन सहित सैकड़ों की संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।

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