ठेकेदार हत्याकांड का खुलासा, हथियार समेत दो गिरफ्तार!

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अरविंद कुमार की रिपोर्ट

मोतिहारी नगर थाना क्षेत्र के गायत्री नगर मुहल्ला निवासी ठेकेदार कुणाल सिंह हत्याकांड का खुलासा पुलिस कर दिया है ।साथ ही घटना में शामिल दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।गिरफ्तार बदमाशों के निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पिस्टल व कारतूस को भी बरामद कर लिया है।
गिरफ्तार बदमाश कोटवा थाना क्षेत्र के डुमरा के रहने वाले मंटू मिश्रा और सोनू पांडे हैं। इधर पुलिस कुणाल हत्याकांड के अंतिम निष्कर्ष पर अभी तक नहीं पहुंच पाई है। कुणाल की हत्या हुई है या पिस्तौल के कॉक करने के दौरान गोली चली है।इसका स्पष्ट जबाब पुलिस नहीं दे पा रही है।जबकि केंद्रीय कारा में बंद एक कुख्यात के इशारा पर कुणाल सिंह की हत्या किए जाने की चर्चाएं भी अपराधिक गलियारों में चल रही है।लेकिन पुलिस द्वारा कुणाल सिंह हत्याकांड का खुलासा किए जाने के बाद भी अभी कई सवाल जीवित है। जिसका जबाब भी पुलिस पूरे विश्वास के साथ नहीं दे पा रही है और पुलिस केवल अनुसंधान की बात कहकर सवालों को टालती रही है।

कुणाल सिंह हत्याकांड का खुलासा करने का दावा करते हुए सदर डीएसपी अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि विगत 4 मई को कुणाल सिंह की हत्या में शामिल मंटू मिश्रा और सैनू पांडे को गिरफ्तार किया गया है।उन्होंने बताया कि गिरफ्तार दोनो बदमाश सेंट्रल जेल में बंद कुख्यात अपराधी के ठेका को मैनेज करने का काम करते थे।डीएसपी के अनुसार गायत्री नगर के रहने वाले मंटू शर्मा के घर पर कुणाल को गोली लगी थी।उसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए थाना के सामने एक जगह पर हुई मिटिंग में रणनीति बनायी गई और उसी रणनीति के तहत अस्पताल गेट के सामने हंगामा किया गया।डीएसपी ने बताया कि घटना के समय मौके पर मंटू मिश्रा,सोनू पांडे,शिवहर जिला के तरियानी का रिंकू सिंह,मृतक कुणाल सिंह और मंटू मिश्रा के कार का ड्राइवर अजय महतो था।डीएसपी ने बताया कि घटना में प्रयुक्त हथियार,दो जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद हुआ है।

इन सब के बीच आपको बतादें कि विगत 4 मई को दिनदहाड़े कोटवा बाबू टोला के रहने वाले ठेकेदार कुणाल सिंह की हत्या गायत्री नगर में हुई थी।जिस घटना के विरोध में शव को एक कार में रखकर कई घंटे तक लोगों ने अस्पताल चौक पर तांडव मचाया।सड़क पर आगजनी की और जाम कर दिया।लोगों का हंगामा इतना ज्यादा था कि पुलिस प्रशासन बेवस बनी हुई थी।कई निर्दोष लोगों की पिटाई की गई।मरीज और उनके परिजन हंगामा के कारण परेशान रहे।लेकिन पुलिस के अनुसार कुणाल सिंह हत्याकांड में शामिल अपराधियों द्वारा रचा गया षड्यंत्र था।इधर परिजन द्वारा दर्ज कराये गए प्राथमिकी में नामजद किए गए चिकित्सक दम्पति की भूमिका पर भी पुलिस स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही है।बावजूद इसके कुणाल सिंह हत्याकांड में पुलिस थ्योरी गिरफ्तार अपराधियों के स्वीकारोक्ति बयान बतायी जा रही है और पुलिस इस मामले में अनुसंधान की बात कह रही है।

बाइट…..अरुण कुमार गुप्ता….डीएसपी सदर मोतिहारी

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