बारिश में विकास का पैमाना ऐसा छलका कि आंखें चकाचौंध हो गई!

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पंकज कुमार ठाकुर

ओडहरा पंचायत में पहले ही बारिश में विकास का पैमाना ऐसा छलका , लोगों की आंखें चकाचौंध हो गई!

विकास की गाड़ी पर लगातार सवार सत्तासीन सरकार के प्रतिनिधि से लेकर छूट भैया तक विकास की रफ्तार में हवाई फायरिंग कर रहे हैं। लेकिन धरातल पर विकास अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। दरअसल सरकारी योजनाएं फाइलों में ही दम तोड़ गई तो पंचायत सुरसा की तरह मुंह बाए खड़ी है इतनी समस्याएं विकराल होती जा रही है दिनोंदिन। सिस्टम प्रतिनिधि को दोष दे रहे हैं तो प्रतिनिधि सिस्टम को चारों ओर से पीस रही है जनता। दरअसल मौसम ने अब तक दस्तक नहीं दिया है। लेकिन सोमवार को हुए बारिश ने प्रखंड से लेकर पंचायत तक विकास अब तक तारणहार और कृपा निधान को ढूंढ रहा है। दरअसल सोमवार को हुए बारिश ने गांव से लेकर शहरों तक लोगों को जीना मुहाल कर दिया। जबकि यह बारिश आधी रात में हुई। जिसके बाद पंचायत के कई नाले का पानी सड़क पर पहुंच गया। हालांकि पूर्व में मुखिया जी से लेकर पंचायत समिति तक ने इस योजना के तहत कई बार काम दिखाकर राशि भी गटक चुके हैं। दरअसल यह प्रतिनिधि सत्तासीन सरकार को खुद की जागीर समझ बैठे हैं। भ्रष्टाचार एक चयन सिस्टम की तरह काम कर रहा है। दिन के उजाले में युवा प्रतिनिधि हैं हुजूर जिसे पंचायत के विकास से क्या लेना देना बस अपनी विकास देखना है क्योंकि सरकार अपनी है तारणहार का पूरा हाथ है। पैर भी लाव लश्कर की कोई कमी नहीं है। ऐसे में इन प्रतिनिधियों के आगे सिस्टम भी लाचार और बेबस है। तो क्या फिर से कई योजनाओं को गटकने की तैयारी की जा रही है। कहीं मजदूरों का पता नहीं है और मनरेगा कागजों पर दौड़ने लगी है। चलिए हुजूर जब सेटिंग गटिंग पर ही काम करना है तो भला विकास किसको क्या लेना देना। दरअसल कई ऐसे प्रतिनिधि हैं जो सरकार की योजना को ही गटक कर कई गांव में आम से खास हो गए। दरअसल यह नेता प्रतिनिधि गांव में एक जातिवाद का जहर की पोटली तैयार करते हैं। जो एक विशेष समय तक काम करता है। चुनाव के वक्त एक माहौल पैदा करता है। विकास विकास विकास सुशासन सरकार सर कार और यही प्रतिनिधि पंचायत चुनाव तक में नीतीश कुमार को जी सूबे के मुखिया को इस्तेमाल कर अपनी कुर्सी तक पहुंच जाते हैं। और फिर शुरू होता है अंधा सिस्टम और बेशर्म सियासत का खेल। अगले तक कुछ भी सच्चाई नहीं पहुंच पाता है। अगला विश्वास रूपी जहाज पर सवार रहता है। जबकि दूसरा विश्वासघात रूपी तीर पर।

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