धीरज शर्मा की रिपोर्ट
विश्व कला दिवस के शुभ अवसर पर मंजूषा कला प्रशिक्षण केंद्र एवं कला सागर सांस्कृतिक संगठन संजय तत्वधान में मंजूषा कला कार्यशाला का आयोजन मंजूषा कला प्रशिक्षण केंद्र के प्रांगण में सुमना के नेतृत्व में किया गया। कार्यशाला में मंजूषा गुरु मनोज कुमार पंडित की अध्यक्षता में कार्यसाला का समापन हुआ। कार्यशाला में युवा एवं बाल मंजूषा कलाकार शामिल हुए प्रतिभागियों में पूनम कुमारी शाह विशुद्धानंद मिश्रा एकता सागर हिना कुमारी इत्यादि सृष्टि श्री कशिश कुमारी पीहू राज इत्यादि विश्व कला दिवस के अवसर पर मंजूषा गुरु ने कहा मंजूषा कला विकास मैं सर्वे चक्रवर्ती देवी एवं निर्मला देवी का महत्वपूर्ण योगदान रहा स्वर्गीय ज्योतिष चंद्र शर्मा भी इस कला के स्तंभ इंसानों का मार्गदर्शन से मैं मंजूषा कला को ऊंचाई प्रदान करने में सक्षम को पाया हूं मंजूषा कला अंग प्रदेश की अमूल्य धरोहर है 1934 से 1942 इस कला का पुनर्जागरण काल माना जाता है विलियम चार्ज आर्ययर दिनेश कलाकार पुण: खोज की उन्होंने पाया यह कला मालाकार जाती एवं कुंभकार जाति द्वारा संरक्षित कला है लंदन स्थित इंडिया में प्रदर्शित कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रखने का प्रयास किया है लेकिन फिर भी एक कला आगे नहीं बढ़ सका यहां के कलाकार बुद्धिजीवी द्वारा भी प्रयास किया गया चक्रवर्ती देवी और निर्मला देवी के निर्देश पर 1992 से मंजूषा कला विकास यात्रा आरंभ किए और अपना जीमेल मंजूषा कला के लिए समर्पित कर दिया मुझे मेरे परिवारों ने भरपूर सहयोग किया जिसमें मेरी पत्नी सुमना और भाई पवन कुमार सा हमें हमारे बच्चों का भी सहयोग प्राप्त हुआ कला संस्कृति बचाओ अभियान के तहत मंजूषा कला चलता है जिला सागर सांस्कृतिक संगठन माया तेतर लोग सेवा संस्थान एवं मंजूषा कला प्रशिक्षण केंद्र दिशा ग्रामीण विकास मंच नाबार्ड का सहयोग मिला सरकारी संस्थानों में बिहार ललित कला अकादमी कला संस्कृति युवा विभाग बिहार सरकार ललित कला अकादमी दिल्ली पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र कोलकाता संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान पटना और गैर सरकारी संस्थानों ने भी मंजूषा कला विकास मैं अपना सहयोग दिए आज मंजूषा कला परिचय का मोहताज नहीं इस कला को लोग अपनाने में सकते थे 2005 में मंजूषा समर कैंप और मंजूषा महोत्सव आयोजन कर लोगों को और नई पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास किया 2006 वर्तमान माननीय मुख्यमंत्री नितीश कुमार जी सुमनसा चित्रकला स्वरूप दिए और मंजूषा कला विकास का आश्वासन भी प्राप्त हुआ कड़ियां जुड़ती गई सहयोग प्राप्त होता गया उसमें प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अतुलनीय योगदान रहा इस कला को जन जन तक पहुंचाने के लिए सील के कपड़ों साड़ी दुपट्टा सलवार सूट बंडी एवं घरेलू उपयोग में आने वाली वस्तुओं पर चितरंगी और रोजगार से जोड़ने का प्रयास सर्वप्रथम साड़ी और कुर्ते से बना हुआ उस डिजाइन को पहनकर लोगों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया इसमें सुमना का सहयोग प्राप्त हुआ भागलपुर पटना और दिल्ली का दौड़ लगा उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान द्वारा विकास यात्रा प्रारंभ किया गया मंजूषा कला गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर राजपथ पर भी प्रदर्शित की गई राष्ट्रीय स्तर के कार्यशाला में मंजूषा कला की सफलता इस कला के विकास में श्री अशोक कुमार सिन्हा उल्लेखनीय योगदान के लिए अंग प्रदेश भागलपुर भुला नहीं सकते साथ ही साथ डीडीएम नाबार्ड नवीन राय सराहनीय योगदान रहा भागलपुर श्री मनोज कुमार पांडे और राजीव कांत मिश्रा सराहनीय योगदान 2012-13 राज्य पुरस्कार प्राप्त हुआ तब मंजूषा कला को बिहार के क्राफ्ट में स्थान प्राप्त हुआ वर्तमान में मंजूषा कला को आगे बढ़ाने में स्पीक मैंके पीछे नहीं रहे इसके द्वारा है राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंजूषा कला प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया भारत के अलग-अलग राज्यों के स्कूलों नवोदय विद्यालय केंद्रीय विद्यालय आईआईटी जैसे संस्थानों में मंजूषा कला प्रशिक्षण केंद्र चलाया जा रहा है आज मंजूषा कला के दर्जनों कलाकारों को राज्य पुरस्कार मिल चुका है मंजूषा कला परिचय का मोहताज नहीं रहा राज पुरस्कार से सम्मानित उलूपी कुमारी झा पवन कुमार सागर सोमा राय स्मिता पराशर हेलो कृति कुमारी श्वेता दत्ता अंजना कुमारी




