सरस्वती विद्या मंदिर में तीन दिवसीय आचार्य कार्यशाला प्रारंभ!

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धीरज शर्मा की रिपोर्ट

भारती शिक्षा समिति एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति, बिहार की ओर से आनंदराम ढांढनियां सरस्वती विद्या मंदिर में त्रि -दिवसीय आचार्य कार्यशाला का उद्घाटन बुधवार को हुआ। कार्यशाला का उद्घाटन विद्यालय प्रबंध कारिणी समिति के सचिव डॉ शैलेश्वर प्रसाद, सह विभाग प्रमुख विनोद कुमार ,कोषाध्यक्ष प्रो. शिवकुमार जिलोका, सदस्य रवि शंकर पांडेय, डॉ वीणा झा, प्रधानाचार्य अनंत कुमार सिन्हा एवं वरिष्ठ आचार्य अभिनंदन सिंह ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। 30 मार्च से प्रारंभ होकर 1 अप्रैल तक चलने वाली तीन दिवसीय कार्यशाला प्रत्येक दिन चार सत्रों की होगी। शैक्षणिक उत्कृष्टता के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला के प्रथम दिवस में विगत सत्र की समीक्षा, आचार्य भारती का गठन , प्रांतीय कार्य योजना की चर्चा एवं आगामी शैक्षिक सत्र के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की योजना बनाई गई। उद्घाटन सत्र में आचार्यों को संबोधित करते हुए विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सचिव डॉ शैलेश्वर प्रसाद ने कहा कि शिक्षण ईश्वरीय कार्य है। शिक्षक को अपने कार्य पर गर्व होना चाहिए। शिक्षण कार्य में ईमानदारी से हर जगह सम्मान मिलता है। सह विभाग प्रमुख विनोद कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यालय सामाजिक चेतना का केंद्र होता है। कार्य में सफलता के लिए अपनी कमियों को पहचानना जरूरी है, इसके लिए समीक्षा की जरूरत होती है। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अनंत कुमार ने कार्यशाला के उद्देश्य को बताया। उन्होंने कहा कि कार्यशाला के माध्यम से सामूहिकता में नवीन सत्र की योजना एवं गतिविधियों के क्रियान्वयन का रोडमैप तैयार किया जाता है। शिक्षण उत्कृष्टता की दृष्टि से भैया -बहन, अभिभावक, आचार्य एवं समाज सहित विद्यालय के सभी घटकों को केंद्र में रखा जाता है।

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