धीरज शर्मा की रिपोर्ट
जहरीली शराब से हुई मौत के खिलाफ भाकपा-माले ने सोमवार को तिलकामांझी-खंजरपुर मार्ग पर विरोध प्रदर्शन किया और बिहार में जहरीली शराब से लगातार हो रही मौतों के लिए नीतीश-भाजपा की सरकार को जिम्मेदार बताया। प्रदर्शनकारियों ने शराबबंदी में पूरी तरह से फेल नीतीश-भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रोशपूर्ण नारे लगाए और प्रशासन के संरक्षण में शराब का अवैध कारोबार चलने का आरोप लगाया। मौके पर पार्टी नेताओं ने कहा कि शराबबंदी की आड़ में नीतीश-भाजपा प्रशासन मौत का अवैध कारोबार कर रही है। नीतीश सरकार को बताना चाहिए कि पूरा सरकारी महकमा शराबबंदी के लिए काम कर रहा है या अवैध तरीके से जहरीली शराब पिला कर लोगों को मौत बांटने के लिए? जहरीली शराब पीने से राज्य भर में पहले हो चुकी सैकड़ों मौतों के बाद अब फिर से भागलपुर, बांका व मधेपुरा के करीब 30 लोगों की हुई मौत तो यहीं यही बयां कर रहा है। लगता है पिछली मौतों से नीतीश-भाजपा सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। नीतीश-भाजपा सरकार को शराबबंदी का हास्यास्पद नाटक बंद कर गंभीरता से जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। भाकपा-माले मांग करता है कि भागलपुर, बांका व मधेपुरा के डीएम-एसपी व सम्बंधित पुलिस थानों के अन्य अधिकारियों को बर्खास्त किया जाय। और सभी मृतकों के आश्रितों/परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा व सरकारी नौकरी मिले। प्रदर्शन में भाकपा-माले के राज्य कमिटी सदस्य एस के शर्मा, नगर प्रभारी व ऐक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त, पूर्व नगर सचिव सुरेश प्रसाद साह, नगर सचिव विष्णु कुमार मंडल, नगर कमिटी सदस्य अमर कुमार चंचल पंडित, लूटन तांती व बुधनी उरांव और गुरुदेव तांती, प्रमोद ठाकुर, धनेश्वर तांती आदि शामिल हुए।




