दीपक कुमार की रिपोर्ट
बालू के अवैध उत्खनन एवं परिवहन से नदियों के अस्तित्व को खतरा, जलस्तर में लगातार गिरावट
सरैयाहाट(दुमका)
राज्य गठन के बाद जिस पार्टी की सरकार बनी लगभग सभी ने जल जंगल और जमीन को बचाने की बात की है|सरकार जल जंगल और जमीन की रक्षा के लिए प्रयास भी कर रही है, लेकिन कुछ सफेदपोशों के संरक्षण में माफियाओं द्वारा सरकार के सारे दावो को धता बताकर जल जंगल और जमीन का अस्तित्व ही समाप्त करने का काम किया जा रहा है|दुमका जिले के विभिन्न बालू घाटों से लगातार हो रहे बालू के अवैध उत्खनन से जल का स्तर नीचे की ओर जा रहा है । सरैयाहाट प्रखण्ड अन्तर्गत नोनीहाट के पटरा बांध और नोनीहाट खसिया के रेलवे गेट के पास बालू का अवैध भंडारण कर ट्रको से बिहार भेजने का कार्य निरन्तर जारी है|इसके अलावा रानीश्वर प्रखंंड के आलगपाथर,रागडीह,नौरंगी एवं दिगुली से भी अवैध रूप से बालू का उत्खनन किया जा रहा है|बताते चलें कि सरैयाहाट प्रखण्ड के जालवे पहाड़ के समीप कभी घना जंगल हुआ करता था उसे भी लकड़ी माफिया नही बक्स रहे है । फिलहाल जो नये जंगल लगाए गए है उस पर भी नजर गड़ा कर उसकी भी कटाई शुरू कर दी गयी हैं| जंगल से पेड़ पौधों को काट कर खेतों में परिवर्तित कर जमीन पर कब्जा किया जा रहा है या अपना दावा जमाया जा रहा है । विभागीय अधिकारीयों की उदासीनता व मिलीभगत से जल जंगल और जमीन पर माफियाओं की पकड़ मजबूत होती जा रही है|लेकिन सरकार अभी भी कुम्भकर्णी नींद से नही जाग रही है,अगर यही हाल रहा तो ना जल ना जंगल और ना जमीन बचेगी|




