पार्थ सारथी मंदिर का मंगलवार को प्राण प्रतिष्ठा

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गौतम चटर्जी की रिपोर्ट

रानीश्वर(दुमका)

महिषबाथान के हटिया परिसर में बड़े लागत से भगबान पार्थ सारथी का भब्य मंदिर का निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं । यहां बीरभूम जिला के राज मिस्त्री सह शिल्पकार शिव नाथ माहारा ,जगन्नाथ पाहाड़िया ,एवं उज्ज्वल कुनूई ने भगबान पर्थ सारथी का मूर्ति निर्माण के साथ रंगरोगन का कार्य कर रहा हैं ।यहां मंदिर का निर्माण उप प्रमुख नौशाद शेख करा रहा हैं । इस्लाम धर्मावलंबी नौशाद के द्बारा निजी लागत में मंदिर निर्माण कराने का कारण जानने पर बताया हैं कि वह निगत तीन दशक से यहां महिषबाथान के हटिया परिसर में पार्थ सारथी का पूजा कराता हैं ।महिषबाथान के चक्रबर्ती परिबार पूजा करता हैं । तीन सौ बर्ष पुर हेतमपुर स्टेट के पूति महाराज यहां पार्थ सारथी का पूजा शुरू कराये थे ।उस समय यहां महिषबाथान में हेतमपुर स्टेट का कचहरी हुआ करता था ।उस समय यह इलाका बीरभूम जिला के पश्चिम भाग जंगल महल नाम से ख्यात था । बीरभूम जिला के सदर शहर सिउड़ी के बड़ा बागान में मेला होती थी । हेतमपुर स्टेट के राजा उस मेला के समांतर यहां पार्थ सारथी मेला शुरू किये थे ।जमींदारी उन्मूलन के पश्चात यहां मेला बंद हो गया था ।अस्सी के दशक में यहां के प्रमुख कादेर शेख़ ने पुनः पार्थ सारथी मेला एवं पूजा शुरू किया था । नक्सलियों के द्बारा उनको हत्या कर दिया गया था ।उनके हत्या के बाद यहां नौशाद ,कादेर बाबू के भाई अबूल शेख एवं भैगना सह गोबिंदपुर पंचायत के मुखिया लियाकत शेख ने पूजा के साथ मेला शुरू किया था ।उस समय सिलाजुड़ी गांव के निमाई भट्टाचार्य पुरोहित पूजा करते थे ।दो दशक से यहां महिषबाथान गांव के चक्रबर्ती परिवार पूजा करता हैं ।नौशाद ने बताया हैं कि स्वपन आदेश पर वह मंदिर का निर्माण करा रहा हैं ।

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