शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन मां आरण्य देवी के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, सुबह से दर्शन को पहुंच रहे भक्त!

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आरा/आशुतोष पाण्डेय

/शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन आरा शहर के प्राचीन एवं प्रसिद्ध माता आरण्य देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही माता के दर्शन और पूजन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।

नवरात्र के पावन अवसर पर श्रद्धालु मां के चरणों में शीश झुकाकर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। माता आरण्य देवी के प्रति लोगों की गहरी आस्था के कारण सुबह से ही मंदिर में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।

नवरात्र के प्रथम दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री की आराधना से भक्तों को शक्ति, साहस और स्थिरता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पूरे शहर में नवरात्र को लेकर उत्साह और भक्ति का वातावरण देखने को मिल रहा है।

संस्कृत श्लोक के साथ मां की आराधना

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

अर्थ: जो देवी समस्त प्राणियों में शक्ति के रूप में विद्यमान हैं, उन जगज्जननी मां दुर्गा को बारंबार नमस्कार है।

मां शैलपुत्री की वंदना में प्रचलित मंत्र—

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

अर्थ: मैं मनोवांछित फल प्रदान करने वाली, मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करने वाली, वृषभ पर सवार, हाथ में त्रिशूल धारण करने वाली यशस्विनी मां शैलपुत्री को नमन करता हूं।

समापन

आरा की पावन धरती पर स्थित मां आरण्य देवी का दरबार नवरात्र के प्रथम दिन श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। भक्तों की जुबां पर मां का जयकारा और मन में सुख-शांति की कामना है।

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