रिपोर्ट – अमित कुमार!
पटना में चुनाव आयोग और SIR के विरोध में महागठबंधन का लोकभवन मार्च उस समय तनावपूर्ण हो गया जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और VIP प्रमुख मुकेश सहनी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सचिवालय के पास बैरिकेडिंग तोड़ने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद, कांग्रेस, माले समेत महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता लोकभवन की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने सचिवालय के पास बैरिकेडिंग कर रोकने की कोशिश की तो तेजस्वी यादव खुद बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और खींचतान हुई। करीब तीन बैरिकेडिंग पार करने के बाद पुलिस ने तेजस्वी यादव को डिटेन कर लिया।
हिरासत के बाद पुलिस तेजस्वी और मुकेश सहनी को SDPO की गाड़ी में बैठाकर ले गई। जिस वाहन में तेजस्वी बैठे थे, उसके ऊपर विधायक और कार्यकर्ता चढ़कर नारेबाजी करने लगे। मौके पर काफी देर तक हंगामा रहा।
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष काम नहीं कर रहा और भाजपा के दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने वोट चोरी का मुद्दा उठाया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम हाथों में हथकड़ी और संविधान की कॉपी लेकर पहुंचे। राजद MLC उर्मिला ठाकुर डफली बजाकर नारेबाजी करती दिखीं। राजद प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने CEC के खिलाफ तीखी नारेबाजी की। इस दौरान माले के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा बेहोश होकर गिर पड़े। कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा कि हिरासत से महागठबंधन का कारवां रुकने वाला नहीं है और इलेक्शन कमीशन कॉम्प्रोमाइज है।
पटना के साथ-साथ सभी जिला मुख्यालयों पर भी महागठबंधन ने धरना-प्रदर्शन किया।




