‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ से सरकारी परिसंपत्तियों को नया जीवन, समयबद्ध क्रियान्वयन जरूरी- विकास आयुक्त!

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:- रवि शंकर अमित!

विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा; 96,394 कार्य पोर्टल पर दर्ज, ग्रामीण क्षेत्रों में 116.19% उपलब्धि और 29 जिलों ने 100% से अधिक लक्ष्य हासिल किया

पटना, 6 अक्टूबर। सरकारी परिसंपत्तियों को बेहतर स्थिति में लाने और आम नागरिकों को अधिक गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ अभियान की प्रगति की विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान लंबित कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने, स्वीकृत कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन तथा पूर्ण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

विकास आयुक्त ने कहा कि, “‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ केवल पोर्टल पर कार्यों की प्रविष्टि का अभियान नहीं है। इसका वास्तविक उद्देश्य उन सरकारी परिसंपत्तियों को बेहतर बनाना है, जिनसे आम नागरिक प्रतिदिन सीधे जुड़ते हैं। हमारा फोकस अब ‘एंट्री से एक्शन’ और ‘एक्शन से परिणाम’ पर होना चाहिए। विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य संस्थान, पेयजल व्यवस्था और स्थानीय सार्वजनिक परिसंपत्तियाँ बेहतर होंगी, तभी इस अभियान का वास्तविक प्रभाव नागरिकों के जीवन में दिखाई देगा।”

96 हजार से अधिक कार्य, ₹4,628 करोड़ से अधिक की परियोजनाएँ

अभियान के तहत राज्य के 38 जिलों और 8,051 पंचायतों से कुल 96,394 कार्य पोर्टल पर दर्ज किए गए हैं। इनमें 53,292 कार्य मौजूदा परिसंपत्तियों के उन्नयन एवं मरम्मत तथा 43,020 कार्य नई संरचनाओं के निर्माण से संबंधित हैं। इन कार्यों की कुल अनुमानित राशि ₹4,628.38 करोड़ है।

यह आंकड़ा अभियान के दोहरे फोकस को दर्शाता है—एक ओर पुरानी और उपयोग में आ रही सरकारी परिसंपत्तियों का कायाकल्प, वहीं दूसरी ओर आवश्यकतानुसार नई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण।

ग्रामीण क्षेत्रों में लक्ष्य से आगे बिहार

ग्रामीण क्षेत्र में 8,051 पंचायतों के लिए निर्धारित मानक के आधार पर 80,510 कार्यों का अनुमानित लक्ष्य था। इसके विरुद्ध 93,544 कार्य दर्ज किए गए, जिससे 116.19 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज हुई। खास बात यह है कि 29 जिलों ने 100 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल किया है।

प्रदर्शन के मामले में किशनगंज, बांका, पटना, सीतामढ़ी और गया अग्रणी जिलों में रहे। इससे यह संकेत मिलता है कि अभियान ने पंचायत स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं की पहचान और सरकारी परिसंपत्तियों के सुधार को व्यापक रूप से गति दी है।

स्कूलों से स्वास्थ्य केंद्रों तक—नागरिक सुविधाओं पर सीधा फोकस

अभियान में शिक्षा क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान है। शिक्षा विभाग से 34,255 कार्य दर्ज किए गए हैं। इनमें विद्यालय भवनों एवं कक्षाओं की मरम्मत और रंग-रोगन, चहारदीवारी, नए शौचालय, अतिरिक्त कक्षाओं तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।

पंचायती राज विभाग के 25,052 और ग्रामीण विकास विभाग के 13,810 कार्य दर्ज किए गए हैं। वहीं समाज कल्याण विभाग के 10,759 कार्यों में आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत, नए भवन निर्माण तथा स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण जैसे कार्य शामिल हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में 6,149 कार्य दर्ज किए गए हैं। इनमें स्वास्थ्य संस्थानों की मरम्मत एवं रख-रखाव, नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और मरीजों के अनुकूल सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।

अब लक्ष्य—प्रविष्टि से धरातल तक

समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि पोर्टल पर कार्यों की संख्या बढ़ाना अभियान का अंतिम लक्ष्य नहीं है। लंबित तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कर स्वीकृत कार्यों को धरातल पर उतारना और पूर्ण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना अगला महत्वपूर्ण चरण है।

विकास आयुक्त ने विभागों एवं जिलों से अभियान को केवल एक बार की पहल के रूप में नहीं, बल्कि सरकारी परिसंपत्तियों के नियमित रख-रखाव और बेहतर सार्वजनिक सेवा वितरण की कार्यसंस्कृति के रूप में आगे बढ़ाने की अपेक्षा की।

‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ का व्यापक उद्देश्य यही है कि सरकारी भवनों और परिसंपत्तियों का सुधार केवल रिकॉर्ड में नहीं, बल्कि विद्यालय जाने वाले बच्चे, आंगनबाड़ी आने वाले परिवार, स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाले मरीज और पंचायत स्तर पर सेवाएँ लेने वाले प्रत्येक नागरिक को प्रत्यक्ष रूप से महसूस हो।

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