गयाजी- दिवंगत परिजनों के मोक्ष के लिये उमड़ रही पिंड देने वालों की भीड़!

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रिपोर्ट – अभिषेक कुमार!

गया के देवघाट मे पिन दानियों की उमड़ी भीड़ अपने पितरों के आत्मा के शांति के लिए कर रहे है पिंडदान व तर्पण सुरक्षा का पुख्ता इन्तेजाम!

गया में चल रहे विश्व परिशुद्ध पितृपक्ष मेले के दौरान विष्णुपद मंदिर और देवघाट पर पिंडदान के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि अंतहा सलिला फल्गु नदी के पवित्र तट और विष्णुपद क्षेत्र में पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके प्रति श्रद्धा अर्पित करने के लिए यहां विधि-विधान से पिंडदान और तर्पण कर हैं। वही
पितृपक्ष के दौरान गया का विष्णुपद और देवघाट आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ घाटों पर पहुंच रही है और पुरोहितों के मंत्रोच्चार के बीच पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म संपन्न किए जा रहे हैं। वही देखा जा रहा है पिंडदानी बारिश मे भीग कर भी पिंडदान कर रहे है!
धार्मिक मान्यता के अनुसार गया में पिंडदान का विशेष महत्व है। माना जाता है कि यहां पूर्वजों के निमित्त किए गए श्राद्ध कर्म से पितरों की आत्मा को शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि पितृपक्ष में दूर-दराज के राज्यों के साथ-साथ देश विदेश से भी श्रद्धालु गया पहुंचते हैं!
वहीं, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से विष्णुपद मंदिर, देवघाट और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ भीड़ नियंत्रण, निगरानी और श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन और पुलिस की टीम लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में पिंडदान कर सकें।
आस्था, परंपरा और श्रद्धा के इस संगम में गया का विष्णुपद और देवघाट पितृपक्ष के दौरान देशभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ यहां पहुंच रहे है श्रद्धालुओं से पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आ रहा है।

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