बिहार में शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त बना दिया गया है व्यवसाय – सांसद पप्पू यादव!

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रिपोर्ट – अमित कुमार!

पटना के गर्दनीबाग पहुंचे पप्पू यादव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बच्चों को गलत तरीके से कॉपी चेक करके फेल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक साल में दो-दो बार परीक्षा ली जा रही है और कई बच्चों का सेशन तीन-तीन साल तक लेट रहता है। जबकि कहा जाता है कि कोई सेशन लेट नहीं होता।

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि बच्चों से फीस के नाम पर हजारों रुपये वसूले जाते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और वाइस चांसलर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। उनके मुताबिक, बच्चे कई दिनों से पढ़ाई कर रहे होते हैं और फिर अचानक परीक्षा की तारीख निकाल दी जाती है। इससे छात्रों का साल बर्बाद हो जाता है।

उन्होंने पीजी परीक्षा का उदाहरण देते हुए कहा कि परीक्षा में सिलेबस से बाहर के सवाल पूछ दिए गए। जब छात्रों ने हंगामा किया, तब परीक्षा को करीब तीन घंटे के लिए टाल दिया गया। इसके बाद नया प्रश्नपत्र छपवाकर छात्रों को दिया गया। पप्पू यादव ने इसे लेकर विश्वविद्यालय की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि आखिर यह कितना बड़ा घोटाला चल रहा है और छात्रों के साथ कितना बड़ा अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि बच्चों के साथ गलत तरीके से काम किया जा रहा है और उन्हें धोखा दिया जा रहा है।

पप्पू यादव ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ छात्रों को पास कराने के नाम पर पैसे मांगे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर छात्रों से 60 हजार रुपये तक मांगे जाने की बात कही जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ छात्रों से यह भी कहा जाता है कि पैसे देने पर उन्हें पास करा दिया जाएगा। वहीं, उन्होंने प्राइवेट छात्रों से कथित तौर पर तीन लाख रुपये लिए जाने जैसी शिकायतों का भी जिक्र किया।

पप्पू यादव ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर शिक्षा के नाम पर यह सब कब तक चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कथित लूट और अनियमितताओं के कारण व्यवस्था बर्बाद हो रही है।

उन्होंने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग करते हुए कहा कि बच्चों को अपना बच्चा समझकर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।

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