रिपोर्ट – अमित कुमार!
नमस्कार, आप सभी को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।
आयुर्वेद हमारी मिट्टी का वह प्राचीन और प्रामाणिक विज्ञान है, जिसने युगों से मानवता को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया है। यह केवल बीमारी के इलाज की पद्धति नहीं, बल्कि शरीर और मन के संतुलन के साथ स्वस्थ जीवन जीने की एक संपूर्ण परंपरा है।
आयुर्वेद से मेरे परिवार का जुड़ाव भी कई पीढ़ियों से है। हमारे नेता, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और मेरे पिताजी आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी के पिता और मेरे दादाजी, स्वर्गीय कविराज राम लखन सिंह जी स्वयं आयुर्वेद चिकित्सक थे। आदरणीय नीतीश जी ने भी अपने पिता के साथ आयुर्वेद की दवाइयां तैयार करने का अनुभव साझा किया है। पिताजी ने हमेशा आयुर्वेद में शोध को बढ़ावा देने और आयुर्वेद कॉलेजों को हर संभव सहयोग देने की बात कही है। हम लोग भी उसी सोच और प्रयास को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
आज की जीवनशैली के कारण मधुमेह, मोटापा, जोड़ों का दर्द, पाचन संबंधी समस्याएं, त्वचा रोग, तनाव और अनिद्रा जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे समय में आयुर्वेद की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। योग, ध्यान, औषधीय पौधों और संतुलित दिनचर्या के माध्यम से हम अपने जीवन को स्वस्थ बना सकते हैं।
हमारा प्रयास है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पतालों तक गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हों, ताकि हर व्यक्ति को समग्र स्वास्थ्य का लाभ मिल सके।
इस आयुर्वेद दिवस पर प्रकृति के करीब जाएं, अपनी दिनचर्या और खान-पान को बेहतर बनाएं और स्वस्थ जीवन का संकल्प लें।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहाआप सभी को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
जय हिंद, जय बिहार।




