कई मामलों मे जब्त 4211.7 लीटर नेपाल निर्मित शराब को विनष्टीकरण!

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रिपोर्टर– राजीव कुमार झा

सरकार द्वारा लागू शराब बंदी कानून जहां प्रभाव हिन साबित होता दिखाई दे रहा है वही सूखे नशे के कारोबार एवं प्रतिबंधित दबाओ के सेवन का लत लगाने बाली साबित हो रही है

मधुबनी जिले के रहिका थाना पुलिस नें थाना में दर्ज 10 अलग-अलग कांडों में जब्त किए गए नेपाल निर्मित देसी शराब 4,211.7 लीटर का विनष्टीकरण किया गया।
बताया जा रहा है कि विभिन्न मामलों में पुलिस द्वारा जब्त की गई नेपाली् निर्मित देसी शराब को नियमानुसार लिए पदाधिकारी से प्राप्त आदेश के बाद नष्ट करने की कार्रवाई की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद शराब की बोतलों को विनष्टीकरण की प्रक्रिया को पुरा करने के बाद नष्ट करने की कार्वाई प्रारंभ किया गया।
पूरी कार्रवाई रहिका थानाध्यक्ष आनंद कुमार कश्यप के नेतृत्व में संपन्न हुई। वहीं, विनष्टीकरण की प्रक्रिया के दौरान वेतौर मजिस्ट्रेट रहिका अंचल अधिकारी भी मौके पर मौजूद रह कर जेसीबी के सहयोग से विनष्टीकरण के कार्वाई को अपने देख रेख मे पूर्ण कराया।
रहिका थाना द्वारा अलग-अलग कांडों में जब्त शराब को नष्ट किए जाने की यह कार्रवाई शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस द्वारा जिले मे शराब तस्करी एवं अवैद्ध कारोबार के खिलाफ जहां पुलिस की सख्ती को प्रमाणित करता है। वही जिले के 50 से अधिक थानो मे आज भी हजारो लीटर जब्त शराब को देखकर ये कहना गलत नही होगा की पुलिस के लाख सख्ती के बाबजूद भी शराब कारोबार मे संलिप्त आज भी जिले मे सक्रिय है। जिन्हो ने बिहार शराब बंदी कानून को धत्ता बताते हुए आपने कारोबार को आज भी बदस्तूर जारी रखे हुए है। लोग रोज शराब पी रहे है। जिसे देखते हुए ये कहना गलत नही होगा की बिहार सरकार के द्वारा प्रदेश मे लागू शराबबंदी कानून प्रभावहीन सावित हो रहा है। जहां रोज जिले मे दर्जनो लोगों को पकड़ पकड़ कर जेल भेजा जा रहा है, ही हजारों लिकर शराब जब्त किया जा रहा है। वही बिहार सरकार के द्वारा लाए गए शराबबंदी कानून के बाद से जिले मे सूखे नसे से लेकर प्रतिबंधित दबाओ का कारोबार एवं सेबन तेजी से बढा है। तो भारतीय रुपये नेपाल के शराब बजार मे जाने, पुलिस पर सरकार द्वारा शराब कारोबार को प्रभाव हिन बनाने को लेकर अतरिक्त खर्च किए जाने से आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है। तो वही जगह जगह कुटिर उद्योग के रूप मे किए जा रहे शराब निर्माण को रोक पाने मे पुलिस विफल साबित हो रही है। गांव गांव मे बनाए जा रहे अवैद्ध शराब को पीकर जहां लोग विहार पर रहे हैं। तो वही ऐसे जहरीले शराब को पी कर लोग मर रहे। शराब कारोबार मे जिले की ही नही अन्य जिले की भी हजारो महीलाएं संलिप्त है। ऐसे महीलाओं के विरुद्ध भी प्रशासन सख्ती बरतते हुए शराब कारोबार मे संलिप्त महीला के विरुद्ध कार्वाई करते हुए हजारों महिलाओं को जहां जेल भेज चूका है। वही आज भी शराब कारोबार मै लिप्त महिला पुरुष को जेल भेजने का कार्वाई किया जा रहा है। जिसे देखते हुए ये कहना गलत नही होगा की सरकार चाहे शराब बंदी कानून को लेकर लाख लाभ गीनबाए लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जिसे देखते हुए सरकार को मद्द निषेद एवं बिहार सराब बंदी कानून को लेकर दूबारा से बिचार करने की जरूरत है।

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