रिपोर्ट – निभाष मोदी!
बाढ़ राहत में लापरवाही पड़ी भारी तो होगी कार्रवाई! मंत्री रत्नेश सदा ने अफसरों को दी सख्त चेतावनी—“एक भी पीड़ित छूटा तो तय होगी जवाबदेही”
भागलपुर।08 सितंबर 2026,जिले में बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच राहत और बचाव कार्यों को लेकर बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। भागलपुर पहुंचे मंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लिया। इसके बाद सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर राहत कार्यों की स्थिति की जानकारी ली और स्पष्ट कर दिया कि बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर सहायता पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन इलाकों में लोग कम्युनिटी किचन तक पहुंचने की स्थिति में नहीं हैं, वहां प्रशासन की ओर से सूखा राशन के पैकेट घर-घर अथवा प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाए जाएं।नाथनगर के पश्चिमी इलाके में बाढ़ प्रभावित लोगों की जरूरत को देखते हुए नया कम्युनिटी किचन शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है। मंत्री ने कहा कि किसी भी पीड़ित परिवार को भोजन के लिए परेशान नहीं होना चाहिए।
इस दौरान मंत्री को 13 प्रभावित पंचायतों से प्राप्त आवेदन भी सौंपे गए। मंत्री ने इन आवेदनों को जिलाधिकारी को देते हुए तत्काल सत्यापन कराने और पात्र लोगों तक राहत पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने जीआर राशि को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि लाभुकों की सूची पूरी तरह पारदर्शी हो। किसी वास्तविक बाढ़ पीड़ित का नाम छूटना नहीं चाहिए और पात्र लाभुकों के बैंक खातों में सहायता राशि जल्द से जल्द भेजी जाए।
मंत्री ने राहत शिविरों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने मेडिकल टीम की उपलब्धता, सर्पदंश रोधी इंजेक्शन, पर्याप्त पशुचारा और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बाढ़ के दौरान सांप के काटने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।मंत्री रत्नेश सदा ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि राहत कार्यों में लापरवाही, उदासीनता या लालफीताशाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार चाहती है कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तेजी के साथ काम करे।उन्होंने कहा कि राहत वितरण की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है। यदि कोई वास्तविक बाढ़ पीड़ित सरकारी सहायता से वंचित रह जाता है तो संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
बाइट: रत्नेश सदा, आपदा प्रबंधन मंत्री, बिहार सरकार




