:- रवि शंकर अमित!
गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन, बेगूसराय पूरी तरह सजग एवं अलर्ट मोड में है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला पदाधिकारी, बेगूसराय श्री रिची पांडेय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन शाखा द्वारा सभी आवश्यक तैयारियाँ व्यापक स्तर पर सुनिश्चित की जा रही हैं। संभावित प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी, स्थलीय निरीक्षण तथा राहत एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
विगत वर्षों में आई बाढ़ एवं संभावित जलभराव की स्थिति के आधार पर जिले के कुल 08 प्रखंडों की 39 पंचायतों, जिनमें 37 ग्राम पंचायतें एवं 02 नगर पंचायतें शामिल हैं, के 189 गांवों को संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जा रही है तथा संबंधित पदाधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने एवं किसी भी परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
बाढ़ एवं आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रभावित लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए जिले में कुल 267 नावों की व्यवस्था की गई है। इनमें 21 सरकारी नाव, 239 एकरारनामा युक्त निजी नावें तथा 07 मोटरबोट शामिल हैं। वर्तमान में आमजनों के निःशुल्क आवागमन के लिए विभिन्न प्रखंडों में 17 सरकारी नावों का परिचालन प्रारंभ कर दिया गया है। साहेबपुरकमाल प्रखंड के समस्तीपुर एवं संदलपुर पंचायत में 05 नावें, मटिहानी प्रखंड के रामदीरी-2 पंचायत में 03 नावें, तेघड़ा प्रखंड के बरौनी-2 एवं रातगांव पंचायत में 03 नावें, बलिया प्रखंड के भवानंदपुर, ताजपुर एवं भगतपुर पंचायत में 04 नावें तथा बछवाड़ा प्रखंड के विशनपुर पंचायत में 02 नावें परिचालित की जा रही हैं।
विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों के लिए राहत एवं आश्रय की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। जिले में 228 सामुदायिक रसोई केंद्र एवं 80 राहत शिविर केंद्र चिन्हित किए गए हैं। आवश्यकतानुसार प्रभावित परिवारों को भोजन एवं अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। ड्राई राशन पैकेट तैयार करने के लिए 26 स्थल चिन्हित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त आकस्मिक परिस्थितियों में हवाई माध्यम से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के लिए 18 हेलीपैड स्थल भी चिन्हित किए गए हैं। तत्काल राहत सहायता के लिए जिले में 41,880 पॉलिथीन शीट्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए 62 मोबाइल मेडिकल टीमों की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त 19 अस्थायी मेडिकल कैंप एवं 29 स्थायी मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य केंद्रों एवं मेडिकल टीमों के माध्यम से आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है तथा 122 प्रकार की आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
पशुधन की सुरक्षा एवं उनके उपचार के लिए भी जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारी की गई है। जिले में 52 पशु कैंप चिन्हित किए गए हैं तथा पशुओं के उपचार हेतु 44 प्रकार की आवश्यक पशु औषधियाँ उपलब्ध कराई गई हैं। संभावित बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पशुओं के लिए 2,500 क्विंटल सूखा पशुचारा भी अग्रिम रूप से भंडारित किया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा संबंधित सभी विभागों एवं पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा संभावित बाढ़ की स्थिति पर निरंतर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। संवेदनशील एवं संभावित प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक सतर्कता बढ़ाई गई है तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों को तैयार रखा गया है।
जिला प्रशासन, बेगूसराय आमजनों से अपील करता है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और भयभीत न हों। प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा जलभराव वाले क्षेत्रों, तटबंधों एवं तेज बहाव वाली जलधाराओं में अनावश्यक आवागमन से बचें। किसी भी आपात स्थिति, सहायता अथवा सूचना के लिए आमजन 24×7 संचालित जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 9279808780 पर संपर्क कर सकते हैं।



