:- रवि शंकर अमित!
न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री का निर्णय स्वागतयोग्य: संजय सरावगी
बिहार में कानून का राज, पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है सरकार: सरावगी
भरत तिवारी मामले में सरकार की संवेदनशीलता और न्यायप्रियता स्पष्ट : संजय सरावगी
राजनीतिक रोटियां सेंकने वालों के गाल पर करारा तमाचा, सरकार ने दोषियों पर की कार्रवाई : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
पटना, 13 अगस्त। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दिवंगत भरत भूषण तिवारी के परिजनों को आर्थिक सहायता एवं एक परिजन को सरकारी नौकरी देने के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बिहार सरकार की संवेदनशीलता, न्यायप्रियता और मानवीय दृष्टिकोण का स्पष्ट प्रमाण है। सरकार ने न्यायिक जांच आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित परिवार को सहायता देने का निर्णय लेकर यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी परिस्थिति में पीड़ित परिवार को न्याय और सहयोग से वंचित नहीं रखा जाएगा।
संजय सरावगी ने कहा कि 17 जून को घटना होने के महज तीन दिन बाद, 20 जून को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न्यायिक जांच आयोग गठित करने की घोषणा कर दी थी। 24 जून को कैबिनेट से इसे मंजूरी मिली और 25 जून को न्यायिक आयोग के अध्यक्ष घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि महज 57 दिनों में आयोग की अंतरिम रिपोर्ट आ जाना अपने आप में सरकार की गंभीरता और तत्परता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने घटना के बाद न केवल स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की, बल्कि कार्रवाई भी की। जिस पुलिसकर्मी पर गोली चलाने का आरोप था, उसे गिरफ्तार किया गया और संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया गया। अब न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता तथा एक परिजन को सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं पीड़ित परिवार से मिले और उनकी पीड़ा को समझा। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार इस संवेदनशील मामले को लेकर कितनी गंभीर है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य न किसी को बचाना है और न किसी को फंसाना, बल्कि सत्य सामने लाना, न्याय सुनिश्चित करना और पीड़ित परिवार के साथ खड़ा रहना है।
संजय सरावगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग भरत तिवारी मामले पर राजनीतिक रोटियां सेंक रहे थे, उनके गाल पर सरकार के इस निर्णय से करारा तमाचा लगा है। उन्होंने कहा कि इतने संवेदनशील मामले पर भी राजनीति करने वालों को अब जवाब देना चाहिए कि जब सरकार ने तत्काल जांच आयोग बनाया, दोषियों पर कार्रवाई की और पीड़ित परिवार के साथ खड़ी हुई, तब वे किस आधार पर सरकार पर सवाल उठा रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय साबित करता है कि बिहार में कानून का राज है और सरकार प्रत्येक नागरिक के अधिकार, सम्मान और गरिमा के प्रति संवेदनशील है। न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।




