रिपोर्ट – मिथुन कुमार!
बिहार पुलिस का शक्ति प्रदर्शन, DGP ने बताया अकादमी का पूरा प्लान, 6000
पुलिसकर्मियों की होगी ट्रेनिंग
बिहार पुलिस अकादमी के 18वें स्थापना दिवस पर बड़ा ऐलान, राजगीर में बनेगा 4000 क्षमता वाला कांस्टेबल ट्रेनिंग स्कूल
DGP विनय कुमार का बड़ा बयान- पुलिस की नौकरी 24 घंटे की जनसेवा, डर की कोई गुंजाइश नहीं
एंकर, नालंदा जिले के राजगीर स्थित बिहार पुलिस अकादमी में मंगलवार को 18वां स्थापना दिवस समारोह पूरे सैन्य हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। समारोह में बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत शानदार मार्च पास्ट से हुई, जहां डीजीपी ने जनरल सैल्यूट स्वीकार किया और परेड का निरीक्षण किया।
समारोह में अकादमी की निदेशक एवं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आर. मलार विझी, उप निदेशक अभय कुमार लाल, सहायक निदेशक प्रशिक्षण अम्बरीष राहुल और सहायक निदेशक प्रशासन लालबाबू यादव सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
अपने करीब 45 मिनट से अधिक के संबोधन में डीजीपी विनय कुमार ने बिहार पुलिस अकादमी को महज एक प्रशिक्षण परिसर नहीं, बल्कि पूरे बिहार पुलिस बल का ‘मेरुदंड’ बताया। उन्होंने पुलिस प्रशिक्षण के इतिहास से लेकर बिहार-झारखंड बंटवारे के बाद उत्पन्न चुनौतियों और राजगीर में आधुनिक पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने के सफर की विस्तार से जानकारी दी।
FSL से मॉडल थाना तक अत्याधुनिक सुविधाएं
डीजीपी ने बताया कि बिहार पुलिस अकादमी अब अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो चुकी है। परिसर में क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (Regional FSL) शुरू हो चुकी है। इसके अलावा प्रशिक्षुओं को व्यवहारिक पुलिसिंग का प्रशिक्षण देने के लिए मॉडल थाना भी स्थापित किया गया है।
अकादमी में डॉग स्क्वॉड, घुड़सवारी प्रशिक्षण और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। डीजीपी ने कहा कि बिहार बाढ़ प्रभावित राज्य है, इसलिए पुलिसकर्मियों के लिए तैराकी और रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रशिक्षण बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि अकादमी का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब केवल विशाल ऑडिटोरियम का काम अंतिम चरण में है, जिसे जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2000 में बिहार और झारखंड के विभाजन के बाद बिहार के कई प्रमुख पुलिस प्रशिक्षण संस्थान झारखंड में चले गए। ऐसे में बिहार के सामने सब-इंस्पेक्टर और डीएसपी स्तर के अधिकारियों के लिए अपने राज्य में अत्याधुनिक प्रशिक्षण संस्थान तैयार करने की बड़ी चुनौती थी।
इसी जरूरत के बीच वर्ष 2008 में बिहार पुलिस अकादमी की आधिकारिक अधिसूचना जारी हुई। इसके बाद राजगीर में वर्तमान अकादमी परिसर के निर्माण की दिशा में काम आगे बढ़ा।
राजगीर में 4000 क्षमता वाला कांस्टेबल ट्रेनिंग स्कूल
डीजीपी विनय कुमार ने स्थापना दिवस समारोह में बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि बिहार पुलिस अकादमी के ठीक बगल में करीब 20-21 एकड़ जमीन पर 4000 क्षमता वाले कांस्टेबल ट्रेनिंग स्कूल का निर्माण चल रहा है।
निर्माण पूरा होने के बाद राजगीर में अकादमी और कांस्टेबल ट्रेनिंग स्कूल को मिलाकर एक ही स्थान पर करीब 6000 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता विकसित हो जाएगी।
10 हजार पुलिसकर्मियों की होगी बहाली
डीजीपी ने बताया कि वर्तमान में 1295 सब-इंस्पेक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा बीपीएससी के माध्यम से 100 से अधिक नए डीएसपी का बैच भी अकादमी में प्रशिक्षण के लिए आने वाला है।
आने वाले समय में करीब 10 हजार और पुलिसकर्मियों की बहाली कर उन्हें प्रशिक्षण देने की तैयारी है।
नक्सल प्रभावित इलाकों का अनुभव साझा किया
डीजीपी ने अपने शुरुआती पुलिस करियर के दौरान नक्सल प्रभावित चतरा, पलामू और गढ़वा में बिताए कार्यकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराध, आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सिर्फ किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है।
पुलिस अधिकारी में धैर्य, साहस, रणनीति, फील्ड क्राफ्ट और ऑपरेशनल क्षमता होना जरूरी है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि एक पुलिस अधिकारी को कुशल रणनीतिकार बनना पड़ेगा।
अकादमी को President Colour मिलने की उम्मीद
डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष बिहार पुलिस को उसके उत्कृष्ट कार्यों के लिए President Colour से सम्मानित किया गया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि आवश्यक अर्हताएं पूरी होने के बाद राजगीर स्थित बिहार पुलिस अकादमी को भी भविष्य में President Colour से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त हो सकता है।
अकादमी की निदेशक आर. मलार विझी ने स्थापना दिवस को बिहार पुलिस और अकादमी के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में विश्वस्तरीय पुलिस अकादमी बनाने का जो सपना देखा गया था, वह आज एक उत्कृष्ट और जीवंत संस्थान के रूप में सामने है।
समारोह के अंत में उप निदेशक अभय कुमार लाल ने मुख्य अतिथि, वरिष्ठ अधिकारियों, जवानों और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। शानदार मार्च पास्ट और परेड के निष्क्रमण के साथ बिहार पुलिस अकादमी का 18वां स्थापना दिवस समारोह संपन्न हुआ।



