रिपोर्ट -अमित कुमार!
भाई वीरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में कई मुद्दों पर अपनी बात रखी और साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ वायरल हो रही तस्वीर पर भी सफाई दी।
भाई वीरेंद्र कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर पूरे देश में आंदोलित हैं और आज झारखंड में भी यही स्थिति है। माननीय मुख्यमंत्री ने छात्रों से वार्ता की थी लेकिन वह विफल रही। भाई वीरेंद्र ने आग्रह किया कि मुख्यमंत्री छात्रों की मांगों और उनके भविष्य से जुड़ी चिंताओं को गंभीरता से लें और उनसे सीधे बात करके समस्या का समाधान निकालें क्योंकि छात्रों के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हुए हमले की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि यह बहुत गलत काम है और जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि किसी पूर्व मुख्यमंत्री या आम नागरिक पर इस तरह का हमला होता है तो राज्य सरकार की छवि पर सवाल उठता है और यह सरकार के लिए ड्रॉबैक है। बिहार में जीतन राम मांझी द्वारा गुजरात मॉडल लागू करने की मांग पर पूछे जाने पर भाई वीरेंद्र हंसते हुए बोले कि यह सवाल उन्हीं से पूछा जाना चाहिए कि वह आखिर क्या चाहते हैं। दिनारा में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या के मामले पर उन्होंने कहा कि हमारे नेता तेजस्वी यादव पीड़ित परिवार से मिलने गए थे। जिस व्यक्ति की हत्या हुई वह अपनी मजदूरी मांगने गया था, उसे पैसा नहीं मिला और उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। ऐसे में इसे जातीय रंग देना गलत है। अगर नेता पीड़ित परिवार से मिलते हैं तो इसमें जाति कहां से आ गई। दिनारा के विधायक आलोक सिंह के बयान को उन्होंने गलत बताया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ वायरल हो रही फोटो पर सफाई देते हुए कहा कि यह तस्वीर लगभग पौने दो महीने पुरानी है। विधायक का अपने क्षेत्र के काम और समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलना सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने सबूत के तौर पर बताया कि उस फोटो में उनके पूरे बाल थे जबकि उन्होंने 30 तारीख को अपना सिर मुंडवा लिया था इसलिए यह पुरानी तस्वीर है और इसे लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं फैलाना चाहिए।




