ब्यूरो रिपोर्ट शंखनाद
देवघर झारखंड
आज विश्व ब्रेल दिवस के अवसर पर उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री के निदेशानुसार “सरस कुंज“ में दिव्यांग बच्चों से जिला स्तर के अधिकारियों ने मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस दौरान मौके पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्री अमित कुमार, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी श्री रवि कुमार द्वारा सरस कूंज के बच्चों को और भी बेहतर करने हेतु प्रोत्साहित किया गया।
ज्ञात हो कि फ्रांस में जन्में लुई ब्रेल द्वारा विकसित की गई ब्रेल लिपी दिव्यांग जनों हेतु ज्ञान का चक्षु है, जिसके माध्यम से ज्ञान अर्जित कर समाज की मुख्य धारा से जुड़ जाते है। यह लिपि दृष्टि-बाधित लोगों को पढ़ने के साथ-साथ लिखने में भी मदद करती है। लुई ब्रेल तीन वर्ष की उम्र में हुई एक दुर्घटना में अंधे हो गए थे। उन्होंने कागज पर उभरे हुए बिंदुओं के आधार पर एक भाषा निर्मित की, जिन्हें महसूस किया जा सकता है और व्यक्ति दिखने में असमर्थ हर चीज को पढ़ सकता है। उन्होंने साहित्य का आस्वादन करने के लिए ऐसा किया। इस लिपी के जरीये लाखों दिव्यांगों को न केवल शिक्षा मिलती है, बल्कि दुनिया को समझने मे भी मदद मिलती है। ब्रेल एक कूट भाषा है, जिसमें वर्णों और संपूर्ण अक्षरों की प्रस्तुति के लिए सतह पर उभारों और अभिज्ञानों का इस्तेमाल किया जाता है. यह एक जटिल भाषा है, जिससे दिव्यांग व्यक्ति पढ़ने में समर्थ हो जाता है। भाषा होने के कारण कूटों (कोड्स) से संगीत, गणित और कंप्यूटर-प्रोग्रामिंग जैसे विषय तैयार किए जा सकते हैं, जिन्हें पढ़ा जा सकता है।
इसके अलावे विश्व ब्रेल दिवस के अवसर पर कोविड नियमों का अनुपालन करते हुए विभिन्न प्रतियोगिता यथा-दौड़, कब्बडी, शतरंज प्रतियोगिता, भजन एवं ब्रेन लेखन एवं वाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान उपरोक्त के अलावे डीसी सेल के प्रतिनियुक्त पदाधिकारी सुश्री आस्था जोशी, प्रबंधक सुबोध कुमार दूबे, संगीत शिक्षक कंचन कुमार पोद्दार, के अलावा सरस कुंज के शिक्षक, कर्मी आदि उपस्थित थे।




