रिपोर्ट – संतोष तिवारी!
बिहार/मुजफ्फरपुर
आज सावन की दूसरी सोमवारी है, जो कि विशेष रूप से भक्तों के लिए महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन को प्रदोष तिथि भी माना जाता है, और इसका प्रभाव बाबा गरीबनाथ धाम पर देखने को मिल रहा है। देर रात से ही श्रद्धालुओं का जलार्पण का सिलसिला शुरू हो चुका है। मंदिर के बाहर लगे अरघा के माध्यम से भक्तजन बाबा गरीबनाथ को जल अर्पित कर रहे हैं।
बाबा गरीबनाथ मंदिर के पुजारी पंडित अभिषेक पाठक का कहना है कि आज की शुभ तिथि के कारण कांवरियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। पहलेजा घाट से जल लेकर आए कांवरिया लगातार बाबा गरीबनाथ मंदिर पहुंचते जा रहे हैं। सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को विशेष प्रिय है, और जब सावन की सोमवारी आती है, तो यह दिन और भी खास बन जाता है। यही वजह है कि आज लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा गरीबनाथ मंदिर में उपस्थित हैं, सभी एकत्रित होकर भोलेनाथ पर जल अर्पित कर रहे हैं।

पंडित अभिषेक पाठक ने बताया कि आज लगभग तीन लाख से अधिक कांवरियों के आने की संभावना है। इस बात को देखते हुए सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। मंदिर में जलाभिषेक के लिए कांवरियों को कतारबद्ध तरीके से अरघा के माध्यम से जल अर्पित किया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी श्रद्धालु सुगमता से जलार्पण कर सकें।
सावन का यह महीना भक्तों के लिए एक विशेष अवसर है। भक्तजन इस दौरान भगवान शिव की आराधना करते हैं और उन्हें जल अर्पित करते हैं। जल अर्पण करने से मनोकामनाएं पूरी होने की विश्वास भी लोग रखते हैं। कई श्रद्धालु तो लंबी यात्रा करके बाबा गरीबनाथ धाम पहुंचते हैं, ताकि वे अपने विश्वास और आस्था के साथ भोलेनाथ को जल अर्पित कर सकें।
भक्तों की इस आस्था का प्रमाण आज बाबा गरीबनाथ धाम में देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं का यह जनसैलाब यह दर्शाता है कि कितनी गहरी आस्था और विश्वास है लोगों में। इस दिन को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह है, और वे एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए जल अर्पण कर रहे हैं।
इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है। मंदिर प्रशासन ने सभी आवश्यक इंतजामात किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। यह सावन की सोमवारी न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह एकता और भक्ति का भी संदेश देती है।
इस प्रकार, सावन की दूसरी सोमवारी और प्रदोष तिथि का यह संयोजन बाबा गरीबनाथ धाम में श्रद्धालुओं के लिए एक अद्भुत अनुभव है। सभी भक्तजन अपने मन में श्रद्धा और भक्ति के साथ बाबा भोलेनाथ के चरणों में जल अर्पित करने के लिए तत्पर हैं। इस दिन का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक भी है, क्योंकि यह विभिन्न समुदायों को एक साथ लाने का कार्य करता है।
बाबा गरीबनाथ की कृपा से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण हों, यही प्रार्थना है।




