विनोद तावड़े ने राज्यसभा में उठाया त्वचा दान और त्वचा बैंकिंग को सुदृढ़ करने का मुद्दा!

SHARE:

:- रवि शंकर अमित!

विनोद तावड़े ने जलने से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए एनओटीटीओ के तहत एकीकृत व्यवस्था बनाने की अपील की

मृत्यु के छह घंटे के भीतर हो सकता है त्वचा दान, पांच वर्षों तक सुरक्षित रखा जा सकता है दान किया गया ऊतक

नई दिल्ली, 6 अगस्त 2026। राज्यसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने आज सदन का ध्यान जलने से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों के त्वरित उपचार के महत्व को देखते हुए त्वचा दान और त्वचा बैंकिंग की व्यवस्था सुदृढ़ करने की ओर आकर्षित किया।

उन्होंने बताया कि दान की गई त्वचा कैसे जलने से पीड़ित मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा संक्रमण व अत्यधिक फ्लूड लॉस के जोखिम को कम करती है।

सदन में बोलते हुए विनोद तावड़े ने बताया कि, त्वचा दान का प्रावधान ‘मानव अंग एवं ऊतक प्रतिरोपण अधिनियम, 1994’ के अंतर्गत किया गया है। उन्होंने राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रतिरोपण संगठन (एनओटीटीओ) के माध्यम से अंग एवं ऊतक दान की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से किए गए सराहनीय पहल की जानकारी भी दी।

उन्होंने कहा- “जन-जागरूकता, त्वचा बैंकिंग अवसंरचना तथा एकीकृत राष्ट्रीय त्वचा पुनर्निर्माण व्यवस्था को सुदृढ़ करने से इस व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा।”

प्रक्रिया के विषय में विस्तार से बताते हुए विनोद तावडे़ ने सदन को सूचित किया कि, मृत्यु के छह घंटे के भीतर त्वचा दान की जा सकती है। इसके लिए रक्त समूह या ऊतक (टिश्यू) मिलान की आवश्यकता नहीं होती। इस प्रक्रिया में केवल त्वचा की सबसे बाहरी परत ही निकाली जाती है, जिससे किसी प्रकार की विकृति नहीं होती।

उन्होंने यह भी बताया कि दान की गई त्वचा को पांच वर्षों तक संरक्षित करके रखा जा सकता है। यह सुविकसित त्वचा बैंकिंग प्रणाली के दीर्घकालिक महत्व को रेखांकित करता है।

Join us on: