रिपोर्ट – अमित कुमार!
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्रेस वार्ता कर राज्य के लाखों शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने शिक्षक स्थानांतरण को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि किसी भी क्षर शिक्षक को घबराने या पैनिक होने की जरूरत नहीं है। सरकार की मंशा साफ है कि पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि स्थानांतरण के लिए आवेदन प्रक्रिया 29 जुलाई से शुरू होकर 5 अगस्त तक चलेगी। इच्छुक शिक्षक शिक्षा विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यह आवेदन पूरी तरह ऐच्छिक रखा गया है। यानी जिस शिक्षक को स्थानांतरण कराना है वही आवेदन करेगा, किसी पर दबाव नहीं होगा।
स्थानांतरण को लेकर पिछले कुछ महीनों से शिक्षकों में काफी असमंजस और चिंता थी। कई तरह की अफवाहें भी फैल रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के आधार पर होगी और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। योग्यता, सेवा अवधि और अन्य मानकों को ध्यान में रखकर ही स्थानांतरण किए जाएंगे।
शिक्षकों की समस्याओं को जल्द सुलझाने के लिए सरकार ने एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया है। यदि किसी शिक्षक को आवेदन में दिक्कत आती है, पोर्टल में तकनीकी समस्या होती है या किसी प्रकार की शिकायत है तो वह इस नंबर पर संपर्क कर सकता है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि हर शिकायत का समय पर निपटारा किया जाएगा।
इस घोषणा से राज्य भर के शिक्षकों में खुशी की लहर है। अब उन्हें अपना आवेदन सही समय पर और बिना भागदौड़ के जमा करने का मौका मिलेगा। सरकार का यह कदम शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



