रिपोर्ट – अमित कुमार
बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन ही सदन के बाहर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। महागठबंधन के सभी घटक दलों के विधायक और विधान परिषद सदस्य शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर पैदल मार्च करते हुए विधानसभा पहुंचे। इस दौरान विपक्ष ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विपक्षी नेताओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर “शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो”, “पेपर लीक पर जवाब दो” और “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है और सरकार इस पर जवाब देने से बच रही है।
महागठबंधन के नेताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारी शहीद स्मारक से पैदल मार्च करते हुए विधानसभा पहुंचे और पूरे रास्ते सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे।
राजद विधायक गौतम कृष्ण और राजद विधायक रणविजय साहू से खास बातचीत की। सभी विपक्षी नेताओं ने पहले ही दिन इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की वजह बताते हुए सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।
गौरतलब है कि बिहार विधानमंडल का यह मानसून सत्र पांच दिनों का है, जो 24 जुलाई तक चलेगा। ऐसे में पहले ही दिन हुए इस प्रदर्शन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर और बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी टकराव की स्थिति देखने को मिल सकती है।



