रिपोर्ट- सुमित कुमार!
बाढ़ से पहले गंगा का कहर: टीका रामपुर में आधा किलोमीटर जमीन नदी में समाई, 40 किमी दियारा क्षेत्र में कटाव का खतरा; डीएम ने किया निरीक्षण
मुंगेर। मानसून के बीच संभावित बाढ़ से पहले ही मुंगेर जिले के दियारा क्षेत्रों में गंगा नदी का कटाव तेज हो गया है। सदर प्रखंड समेत जिले के कई तटीय इलाकों में जमीन धंसने और कटाव की घटनाओं से किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। बरियारपुर, जमालपुर, धरहरा और सदर प्रखंड के लगभग 40 किलोमीटर क्षेत्र में कई गंगा घाट जर्जर स्थिति में मिले। हालांकि बरियारपुर प्रखंड में फिलहाल सक्रिय कटाव नहीं दिखा, लेकिन अधिकांश घाट क्षतिग्रस्त पाए गए। वहीं जमालपुर के सिंघिया, पड़हम और फरदा तथा धरहरा के शिवकुंड और हेमजापुर घाटों पर पूर्व में कराए गए कटावरोधी कार्य भी कमजोर नजर आए।
सबसे गंभीर स्थिति सदर प्रखंड की मोहली पंचायत स्थित आदर्श ग्राम टीका रामपुर के चंडिका स्थान के समीप है। यहां पिछले एक माह से लगातार हो रहे कटाव में किसानों की उपजाऊ जमीन गंगा में समाती जा रही है। मक्का समेत अन्य फसलें भी नदी में बह चुकी हैं। ग्रामीणों के अनुसार पश्चिम दिशा में करीब आधा किलोमीटर भूमि गंगा में विलीन हो चुकी है, जबकि उत्तर दिशा में लगभग 40 फीट जमीन कटाव की भेंट चढ़ गई है। कटाव अब गांव से महज 300 मीटर की दूरी पर पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
किसान रामरूप यादव, सकलदेव मंडल, रूपेश यादव, मनोज बिंद और राजेश कुमार ने बताया कि कटाव की सूचना कई बार अंचल कार्यालय और प्रखंड प्रशासन को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि यदि शीघ्र कटावरोधी कार्य शुरू नहीं हुआ तो गांव का अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है।
सदर प्रखंड के नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत स्थित मनियारचक गंगा घाट पर भी खतरे के संकेत मिलने लगे हैं। यहां पूर्व में बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा कटावरोधी कार्य कराया गया था, लेकिन घाट के समीप दोबारा कटाव शुरू होने से स्थानीय लोग चिंतित हैं। श्रद्धालुओं के स्नान स्थल के पास जमीन कमजोर हो गई है और बाढ़ के समय स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2025 में भी टीका रामपुर के पश्चिमी हिस्से में बड़े पैमाने पर कटाव हुआ था, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि जलस्तर कम रहने के दौरान सुरक्षा कार्य करा दिया जाता तो इस वर्ष इतनी बड़ी क्षति नहीं होती।
कटाव की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर ने रविवार को टीका रामपुर और नौवागढ़ी-महेशपुर दियारा क्षेत्र के कटावग्रस्त इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि प्रशासन हरसंभव सहायता करेगा। डीएम ने जल संसाधन विभाग और कटाव निरोधक टीम को तत्काल सभी औपचारिकताएं पूरी कर कटावरोधी कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि भूमि, आबादी और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने अधिकारियों को कटावग्रस्त क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने, नदी के जलस्तर और कटाव की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता पड़ते ही तत्काल सुरक्षात्मक उपाय करने का निर्देश दिया। साथ ही स्थानीय लोगों से समन्वय बनाकर उनकी समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान नौवागढ़ी-महेशपुर क्षेत्र में सफेद बालू के अवैध उत्खनन की शिकायत भी सामने आई। इस पर डीएम ने सदर एसडीएम को अवैध खनन के खिलाफ सघन अभियान चलाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम ने आम लोगों से भी अपील की कि कहीं भी अवैध बालू उत्खनन, परिवहन या भंडारण की सूचना तुरंत प्रशासन या पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जनसहयोग से ही अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है और गंगा तटों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
बाइट-शिवनंदन साह ग्रामीण
बाइट-अमित कुमार ग्रामीण
बाइट-निखिल धनराज निप्पणीकर जिला अधिकारी मुंगेर



