सौराठ सभा में ब्राह्मण महासभा ने किया पंजीकारों का सम्मान, समीक्षा बैठक जल्द!

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रिपोर्टर– राजीव कुमार झा

मधुबनी जिले के रहिका प्रखंड क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक सौराठ सभा का आज पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ सफल एवं सुखद समापन हुआ। सौराठ सभा समिति के अध्यक्ष कृष्ण कान्त झा ‘गुड्डू’ ने समापन सत्र में बताया कि इस वर्ष पंजी प्रथा के प्रति समाज में गंभीर जागरूकता देखने को मिली, जो आगामी वर्षों के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि पंजीकरण संबंधी परंपरा को पुनर्जीवित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। सभा समापन के अवसर पर ब्राह्मण महासभा ने प्रदीप झा के नेतृत्व में पंजीकारों का सम्मान समारोह आयोजित किया, जिसके लिए सौराठ सभा समिति ने महासभा का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया है। आगे समारोह के दौरान विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं के द्वारा भी कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे सभा की गरिमा और भव्यता में वृद्धि हुई। समिति अध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष विभिन्न पंजीकारों के यहां लगभग 30, 35, 40, 50, 80 और 100 के आसपास सिद्धांत (वैवाहिक सहमति) संपन्न हुए और आशा व्यक्त किया कि आने वाले वर्षो में यह संख्या और बढ़ेगी तथा सौराठ सभा अपने ऐतिहासिक स्वरूप में पुनः स्थापित होगी। समिति के अध्यक्ष कृष्ण कान्त झा गुड्डू ने सरकार के सहयोग पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष सरकार के द्वारा अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया। यदि आवश्यक हुआ तो समिति भविष्य में सरकार से जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगी तथा आवश्यक प्रश्न उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि समाज की सर्वसम्मत मांग है कि सौराठ महोत्सव सभा-वास की अवधि के दौरान ही आयोजित किया जाए ताकि अधिकतम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। समिति ने प्रिंट तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार साथियों के सहयोग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त किया एवं सभा को लेकर प्राप्त सहयोग के लिए समिति के सदस्यों, स्वयंसेवकों तथा सामाजिक संगठनों का धन्यवाद किया है। सभा के संरक्षण, विकास और आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करने के लिए निकट भविष्य में समिति की एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर संयुक्त सचिव अनिल कुमार झा, मिथिला वाहिनी के मिहिर कुमार झा ‘महादेव’, पंजीकार प्रमोद मिश्र, संजीव कुमार पाठक, मगन ठाकुर, गौरव मिश्र, समीर ठाकुर, प्रदीप झा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे और अपने विचार व्यक्त किए।

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