रिपोर्ट :- संतोष चौहान
सुपौल :- कोशी रेंज के डीआईजी डॉ० कुमार आशीष ने रविवार को सुपौल जिले के भीमनगर स्थित भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने एसएसबी की 45वीं वाहिनी, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर सीमा सुरक्षा को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की।
बैठक में सीमा क्षेत्र में होने वाली तस्करी, अवैध आवाजाही, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की गई। डीआईजी ने अधिकारियों को संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीआईजी डॉ० कुमार आशीष ने कहा कि भारत-नेपाल की खुली सीमा को देखते हुए पुलिस और एसएसबी के बीच बेहतर समन्वय तथा नियमित सूचना आदान-प्रदान बेहद जरूरी है। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।
बैठक के बाद डीआईजी ने एसएसबी द्वारा स्थापित थर्मल स्कैनर प्वाइंट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने उपकरणों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली और सीमा पर तैनात जवानों से निगरानी के दौरान आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि थर्मल स्कैनर जैसी आधुनिक तकनीकें सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। डीआईजी ने बताया कि इंडो-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए एसएसबी, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ प्रत्येक माह बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें सीमा सुरक्षा, चौकसी, तैनाती और समन्वय की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं।
निरीक्षण के दौरान एसएसबी 45वीं वाहिनी वीरपुर के कमांडेंट गौरव सिंह, सेकेंड-इन-कमांड अधिकारी जगदीश कुमार शर्मा, डिप्टी कमांडेंट सौरभ सुमन, वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।




