रिपोर्ट – अमित कुमार!
इस बार भी पटना स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यालय को रंगीन बैनर, पोस्टर और लाइट्स से सजाया गया था। पूरे परिसर में पार्टी के झंडे लहरा रहे थे और कार्यकर्ताओं की भीड़ सुबह से ही जुटनी शुरू हो गई थी।
इस बार कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव पटना से बाहर होने के कारण कार्यक्रम में शारीरिक रूप से मौजूद नहीं थे, लेकिन उनका संदेश और नेतृत्व कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा बना रहा। तेजस्वी यादव को 25 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय जनता दल का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, इसलिए इस स्थापना दिवस पर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की नजरें उन पर टिकी हुई थीं। पार्टी कार्यालय में पटना के अलावा जहानाबाद, वैशाली, भोजपुर और अरवल जैसे जिलों से भी बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता पहुंचे थे। वहीं अन्य जिलों में भी जिला इकाइयों द्वारा अलग-अलग स्तर पर स्थापना दिवस मनाया गया।
पिछले वर्षों की तरह इस बार भी स्थापना दिवस को सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की रणनीति तय करने के मंच के रूप में देखा गया। पार्टी नेताओं ने अपने संबोधन में एनडीए सरकार को महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर घेरा। नेताओं ने कहा कि बिहार में रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं और युवा दूसरे राज्यों में काम करने को मजबूर हैं। साथ ही अपराध की घटनाओं को लेकर भी चिंता जताई गई।
कार्यकर्ताओं में जोश साफ दिखाई दे रहा था। तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। मंच से बार-बार यह कहा गया कि राष्ट्रीय जनता दल सामाजिक न्याय, गरीबों और पिछड़ों की आवाज है और आने वाले समय में पार्टी और मजबूती के साथ जनता के बीच जाएगी। कुल मिलाकर पटना का यह कार्यक्रम पार्टी के लिए एकजुटता और नई ऊर्जा का प्रतीक बना।




