रिपोर्ट – बिकास कुमार!
केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित बिहार पुलिस दूर संचार संवर्ग की लिखित परीक्षा में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने परीक्षा में अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से पास कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार गिरोह अभ्यर्थियों से 6 से 7 लाख रुपये लेकर परीक्षा में अनुचित तरीके से पास कराने का झांसा देता था। इसके लिए अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक अपने पास रखता था तथा विभिन्न माध्यमों से परीक्षा के उत्तर उपलब्ध कराने की कोशिश करता था।
गुप्त सूचना के आधार पर पटना पुलिस से मिली जानकारी के बाद सहरसा पुलिस ने बैजनाथपुर थाना क्षेत्र के हृदयपुर हॉल्ट के पास छापेमारी कर आरोपितों को गिरफ्तार किया। उनके पास से अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र, परीक्षा के एडमिट कार्ड और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए।
इस मामले में सदर थाना कांड संख्या 737/26 दिनांक 28 जून 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS)-2023 की विभिन्न धाराओं एवं बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम-2024 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
चंदन कुमार (बनमा इटहरी, सहरसा)
चंदन कुमार (सदर, सहरसा)
विवेक कुमार (बनगांव, सहरसा)
कुन्दन कमल उर्फ श्याम (सलखुआ, सहरसा)
प्रमोद प्रजापति (चौक बाजार, गया)
राहुल कुमार (कोतवाली, गया)
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 10 मोबाइल फोन, मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र तथा विभिन्न अभ्यर्थियों द्वारा हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक बरामद किए हैं। मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।




