:- रवि शंकर अमित!
मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष की आय सीमा बढ़ाना गरीब-मध्यवर्ग के लिए बड़ी राहत : सुरेश रूंगटा
गंभीर बीमारियों के इलाज में अब ज्यादा परिवारों को मिलेगा सहारा : सुरेश रूंगटा
चिकित्सा सहायता कोष की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 4 लाख करना संवेदनशील और जनहितकारी निर्णय : सुरेश रूंगटा
पटना, 24 जून । बिहार भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश रुंगटा ने बिहार सरकार द्वारा मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से गंभीर बीमारियों के उपचार हेतु आर्थिक सहायता प्राप्त करने की वार्षिक आय सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 लाख रुपये किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे अत्यंत जनहितकारी, संवेदनशील और राहतकारी कदम बताया है।
उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल एक प्रशासनिक संशोधन नहीं, बल्कि उन हजारों-लाखों परिवारों के प्रति सरकार की मानवीय जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जो गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक संकट से जूझते हैं। आज इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सहायता की आय सीमा बढ़ाया जाना समय की जरूरत थी, ताकि गरीबों के साथ-साथ निम्न एवं मध्यवर्गीय परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिल सके।
सुरेश रुंगटा ने कहा कि किसी भी संवेदनशील और जवाबदेह सरकार की पहचान इस बात से होती है कि वह संकट की घड़ी में अपने नागरिकों के साथ कितनी मजबूती से खड़ी रहती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय इसी लोककल्याणकारी सोच और संवेदनशील शासन दृष्टि का परिचायक है। इससे बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को राहत मिलेगी, जो गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक संसाधनों के अभाव में परेशान रहते हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा का मानना है कि शासन की नीतियां तभी सार्थक मानी जाती हैं, जब उनका सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष की आय सीमा में वृद्धि ऐसा ही निर्णय है, जो जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद, सुरक्षा और सहारे का नया माध्यम बनेगा। यह कदम “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को और मजबूत करेगा।
भाजपा ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि बिहार सरकार आगे भी गरीब, वंचित, जरूरतमंद और इलाज के लिए संघर्ष कर रहे परिवारों के हित में ऐसे ही दूरदर्शी और मानवीय फैसले लेती रहेगी। रुंगटा ने कहा कि जब शासन संवेदना से संचालित होता है, तब नीतियां केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में भरोसा और राहत का वास्तविक आधार बनती हैं। मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष की आय सीमा में वृद्धि भी ऐसा ही एक कदम है, जो बिहार के लाखों परिवारों के लिए संबल और सहारा साबित होगा।




